माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। अब परिषदीय स्कूलों में डुगडुगी बजाकर नामांकन बढ़ाने का प्रयास किया
जाएगा। डुगडुगी बचने के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं गांव में जाएंगे और लोगों को समझाकर उनके
बच्चों का प्रवेश स्कूल में कराएंगे। यह ऐसे बच्चों होंगे, जिनके अभिभावक अपने बच्चों को काम में
लगाकर रखते हैं और पढ़ाना नहीं चाहते हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने एवं शिक्षा से दूर रहने वाले बच्चों को
शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल की जा रही है। इस पहल के तहत विभाग के
अधिकारी डुगडुगी बजवाएंगे। डुगडुगी बचाने वाले व्यक्ति के साथ संबंधित गांव में स्कूल का
स्टाफ भी जाएगा। गांव में डुगडुगी की आवाज सुनने के बाद लोग एकत्रित होने लगते हैं। लोगों
से पूछा जाएगा कि गांव के अंदर किस-किस के बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। कितने लोग ऐसे हैं जिनके
बच्चे स्कूल में जाकर शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें शिक्षा के
बारे में बताएंगे कि आपके बच्चे शिक्षित होंगे तो उनका जीवन उज्ज्वल होगा। नहीं तो वह
जिंदगी भर मजदूरी करते रहेंगे। शिक्षित होने से वह आपका और देश का नाम रोशन करेंगे। इसमें
गांव के प्रधानों की भी मदद ली जाएगी, जिससे बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जा सके। जिले के
सभी गांव में यह व्यवस्था की जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रजभूषण चौधरी ने बताया कि
इस व्यवस्था का जल्द शुुरू करेंगे। इसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा
जाएगा। गांव के प्रधान के साथ सभ्रांत लोगों का सहयोग लिया जाएगा। शतप्रतिशत बच्चों
का स्कूलों में नामांकन कराने का लक्ष्य है। उसे पूरा किया जाएगा।