सबहेडः सरस्वती शिशु मंदिर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की क्षेत्र स्तर की दो दिवसीय बैठक
- अगले वर्ष की कार्ययोजना व वर्तमान में चल रहे कामों की होगी समीक्षा
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नेहरूनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में बुधवार से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की क्षेत्र स्तर की दो दिवसीय बैठक होगी। बैठक में आरएसएस की अगले वर्ष की कार्ययोजना और वर्तमान में चल रहे कार्यों की समीक्षा की समीक्षा की जाएगी। बैठक में सरसंघ चालक मोहनराव भागवत और सरकार्यवाहक सुरेश भैया जोशी भाग लेंगे।
बुधवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की होने वाली इस बैठक में ब्रज, उत्तराखंड और मेरठ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल में शामिल प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह व प्रांत प्रचारक के साथ क्षेत्रीय संघचालक, क्षेत्रीय कार्यवाह व क्षेत्रीय प्रचारक को मिलाकर कुल 30 सदस्य भाग लेंगे। मंगलवार से बैठक में शामिल होने वाले आरएसएस पदाधिकारियों का आगमन शुरू हो गया। सरसंघचालक मोहन भागवत के मंगलवार देर रात पहुंचने की संभावना है। वह बुधवार को बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। महानगर में कई साल बाद आरएसएस अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक हो रही है। सरसंघचालक करीब एक साल पहले वसुंधरा में संगठन के एक पदाधिकारी के घर पहुंचे थे।
बैठक को देखते हुए नेहरू नगर और सरस्वती शिशु मंदिर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। खुद पुलिस कप्तान कलानिधि नैथानी ने आयोजन स्थल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिशा निर्देश भी दिए। संघ के विभाग प्रचार प्रमुख मधुर शर्मा ने बताया कि बुधवार से अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली इस बैठक को कोविड-19 के मद्देनजर मंडल स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। पूरे देश में 11 क्षेत्रों की बैठक होंगी। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बैठक गाजियाबाद में आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कि बैठक में आगामी कार्ययोजना व समीक्षा के अलावा कोविड-19 से प्रभावित जनजीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वाबलंबन, स्वदेशी आदि विषयों पर भी चर्चा होगी। बता दें कि कोविड-19 के चलते आर एस एस की शाखाएं भी प्रभावित रही हैं। अनलॉकडाउन के बाद से फिर से आरएसएस की शाखाएं विभिन्न क्षेत्रों में लगना शुरू हुई हैं। बैठक में शाखाओं के फिर से प्रभावी संचालन के साथ शाखाओं के विस्तार पर बैठक में चर्चा होने की संभावना है। आरएसएस की अहम आंतरिक बैठक होने और बैठक में गिने-चुने प्रांत व क्षेत्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी होने के चलते स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से निभाया गया। बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सीमित संख्या के लिए कोविड-19 को भी एक वजह माना जा रहा है।
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