अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी में कुत्तों ने 5 वर्षीय बच्चे नयन गुप्ता को गर्दन पर काटा, हुआ गहरा घाव
- फोटो : Amar Ujala
सबहेडः राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटी में बीते एक माह में कुत्तों ने पांच लोगों को काटा, लोगों को दौड़ने की रोजाना हो रही सात से आठ घटनाएं
- डॉग प्रेमियों के विरोध के चलते जिला प्रशासन और नगर निगम ने कार्रवाई से खड़े किए हाथ
- नगर निगम को फिर दिया ज्ञापन, सोसायटी के बाहर कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने की मांग की
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की प्रमुख अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी में कुत्तों का आतंक अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है। मंगलवार को सोसायटी के प्रमुख सेंट्रल पार्क में खेल रहे पांच वर्षीय बच्चे नयन गुप्ता को कुत्तों ने घेरकर काट लिया। कुत्तों के काटने से बच्चे की गर्दन पर गहरा घाव हो गया। पार्क में बैठे लोगों ने जैसे-तैसे दौड़कर बच्चे की जान बचाई। सोसायटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के मुताबिक लोगों को काटने की एक माह के अंदर यह पांचवीं घटना है।
एओए पदाधिकारियों ने बताया कि रोजाना सात से आठ लोगों को कुत्तों द्वारा दौड़ाने की घटनाएं सामने आती है। कुत्तों के डर से लोगों ने अकेले टहलना छोड़ दिया है। साथ ही कुत्तों के आतंक के चलते बेसमेंट में लोग दोपहिया वाहनों से आने जाने से बच रहे हैं।लोगों को काटने की लगातार घटनाएं होने के चलते अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की ओर से जिला प्रशासन के साथ नगर निगम को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन सोसायटी में डॉग प्रेमियों के बचाव में आने के चलते जिला प्रशासन और नगर निगम दोनों ने कार्रवाई से अपने हाथ पीछे खींच रखे हैं। मंगलवार को पांच वर्षीय बच्चे को काटने की घटना के बाद एओए ने नगर निगम से कुत्तों के लिए सोसायटी के बाहर शेल्टर होम बनवाने की मांग उठाई है।
अजनारा इंटीग्रिटी एओए अध्यक्ष नीरज त्यागी ने बताया कि मंगलवार को बच्चा सोसायटी के मुख्य सेंट्रल पार्क में खेल रहा था। तभी एक कुत्तों के झुंड ने बच्चे पर अटैक कर दिया। कुत्तों के काटने से बच्चे के गर्दन पर गहरा घाव हो गया है। सोसायटी में बीते कई माह से कुत्तों का आतंक है। सोसायटी में कुछ डॉग प्रेमी आवारा कुत्तों को सोसायटी के अंदर बुलाकर खिलाते पिलाते हैं। कुत्तों को खिलाने पिलाने को लेकर एओए का कोई विरोध नहीं है, लेकिन उनकी मांग केवल सोसायटी के बाहर जाकर उन्हें खिलाने पिलाने की है। डॉग प्रेमियों की विरोध के चलते आलम यह हो गया है कि सोसायटी के अंदर कुत्ते घूमते हुए देखे जा सकते हैं। भय के चलते लोगों ने अकेले टहलना छोड़ दिया है। लोग दोपहिया वाहनों से बेसमेंट में जाने से भी कतरा ने लगे हैं। नगर निगम से कई बार कुत्तों को पकड़ने की मांग की गई है, लेकिन डॉग प्रेमियों के चलते जिला प्रशासन व नगर निगम कार्रवाई से कतरा रहा है। उन्होंने नगर निगम को फिर से ज्ञापन देकर सोसायटी के बाहर कुत्तों के लिए एक शेल्टर होम बनवाने की मांग की है। शेल्टर होम के लिए सोसायटी के रेजिडेंट भी सहयोग करने को तैयार हैं। एक माह के अंदर कुत्तों के काटने की यह पांचवीं घटना है। रोजाना सात से आठ घटनाएं कुत्तों द्वारा लोगों को दौड़ाने की होती रहती हैं।
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