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उजाला अभियानः फायर स्टेशन की मांग को लेकर आगे आए एओए के पदाधिकारी

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फोटो समाचार माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। क्रासिंग रिपब्लिक में फायर स्टेशन बनाने की मांग को लेकर विभिन्न सोसायटी के एओए के पदाधिकारी भी आगे आ गए हैं। उन्होंने कहा कि क्रासिंग के अंदर जल्द से जल्द फायर स्टेशन बनना चाहिए। पिछले काफी समय से मांग की जा रही है, लेकिन सीआइपीएल और जीडीए के पदाधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही क्रासिंग में फायर स्टेशन बनने की बात तय हुई थी। प्रशासन और सीआइपीएल की लचर कार्यप्रणाली के कारण यह प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक फायर स्टेशन तैयार नहीं हो रहा है, तब तक इंटरनल फायर फाइटिंग सिस्टम को सही कराया जाए, जिससे लोग आग की घटनाओं से बचाव कर सकें। न तो सोसायटी में फायर स्टेशन है और नहीं फायर फाइटिंग सिस्टम काम करते हैं। अलार्म तो बजते ही नहीं है। अग्निशमन विभाग को इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। -- क्रासिंग रिपब्लिक में 50 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इन लोगों की सुरक्षा के लिए फायर स्टेशन बहुत जरूरी है। हम लोग लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई करने को तैयार नहीं हैं। हम मांग करते हैं जब तक फायर स्टेशन बनकर तैयार होता है। तब तक सोसायटी के इंटरनल फायर फाइटिंग सिस्टम को ठीक किया जाए। अग्निशमन के अधिकारी इस पर ध्यान दें, जिससे सोसायटी के लोग सुरक्षित रह सकें। क्षितिज सिंघल, अध्यक्ष पैरामाउंट सिंफनी -- सोसायटी में आए दिन आग की घटनाएं हो रही हैं। अग्निशमन विभाग को जानकारी दी जाती है, तो उन्हें यहां तक पहुंचने में समय लगता है। ऐसी स्थिति में काफी नुकसान हो जाता है। अभी तक गनीमत रही है कि कोई जनहानि नहीं हुई है। सीआइपीएल, जीडीए और प्रशासन से मांग करते हैं कि क्रासिंग में जल्द से जल्द फायर स्टेशन का निर्माण कराया जाए। जमीन का विवाद अपने स्तर पर सुलझाएं। आशुतोष चंदन, अध्यक्ष गार्डेनिया -- ऐसा लगाता है कि प्रशासन क्रासिंग रिपब्लिक में किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। आग की इतनी घटनाएं होने के बाद भी अग्निशमन विभाग, जीडीए और सीआइपीएल के पदाधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। उन्हें लोगों की जिंदगी के बारे में सोचना चाहिए। जब फायर स्टेशन के लिए जमीन है तो उसे पूरा करके स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। हम लोग आग की घटनाओं को लेकर डरे रहते हैं। सोमेश त्यागी, महासचिव सुपरटेक -- हम लोग कई बार फायर स्टेशन की मांग को लेकर जीडीए और सीआइपीएल के समक्ष अपना विरोध जता चुके हैं। विरोध करने के दौरान तो दोनों जगह से हम लोगों को आश्वासन मिल जाता है, लेकिन उसके बाद कोई सुनवाई नहीं होती है। अब लगता है कि फायर स्टेशन के लिए बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। तभी हमारी सुनवाई हो पाएगी। क्योंकि जिस दिन बड़ा हादसा हो गया, उस दिन सभी विभाग के पदाधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेंगे। रोहित चौधरी, अध्यक्ष जीएच-7
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