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भैया दूज पर हृदय एवं मधुमेह रोगी मिठाइयों से करें परहेज

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भैया दूज पर हृदय एवं मधुमेह रोगी मिठाइयों से करें परहेज - शर्करा बढ़ने से मरीज जा सकता है कोमा में माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। त्योहारी सीजन के मौके पर इस समय बाजार से लेकर घर तक मिठाइयों का बाजार गुलजार हो रहा है। पूजा के लिए अलग और परिवार के साथ बैठकर दावत उड़ाने के लिए अलग और दोस्तों-रिश्तेदारों को भिजवाने के लिए अलग, मगर अब मिठाइयां भी सेहत की दुश्मन साबित हो रही हैं। विशेष तौर पर अगर कोई हृदय या मधुमेह का मरीज है तो उसके लिए सावधान रहने की जरूरत है।  भैया दूज पर भी पूजन के दौरान लोग मिठाइयों का खूब प्रयोग करते हैं। इससे कई बार स्वस्थ लोग भी बीमार हो जाते हैं, विशेष तौर पर जब मिलावटी मिठाइयों का प्रयोग किया जाता है। अगर पहले से ही किसी बीमारी की चपेट में हैं तो और भी परेशानी होती है।  इस तरह करें मिलावटी मिठाइयों की पहचान  - खरीदने से पहले चखकर जरूर देखें। - स्वाद से पता चल जाता है कि मिठाई बासी है या मिलावटी। - मिठाई के रंग से उसकी गुणवत्ता पता चल जाती है।  - ज्यादा चटकीले रंग से सजग रहें, क्योंकि यह नुकसान दायक होती हैं।  - आकर्षक दिखाने के लिए मिलावट - चांदी के वर्क के जलाकर करें टेस्ट, जलने के बाद काला नहीं पड़ना चाहिए - चांदी का वर्क जलकर रंग नहीं खोता, नकली वर्क जलकर स्लेटी हो जाता है - खोया (मावा) दानेदार हो तो मिलावट होती है, अंगुलियों के बीच खोया को मसलकर देखें - अंगुलियों में दाने महसूस हों तो सावधान रहें।  - गर्म करने पर मावा पानी छोड़े तो गड़बड़, असली मावे में खुशबू, नकली मावे से दुर्गंध - असली मावा मुंह में चिपकता नहीं है, नकली मावा पानी में घुलता नहीं है - असली छेना दबाने से बिखरता नहीं है, असली छेना दबाने पर फिर शेप में आ जाता है ------ मार्च तक लिए गए थे 561 सैंपल  खाद्य विभाग द्वारा मार्च तक 561 सैंपल लिए गए थे, इसमें से 120 सैंपल दूध से बनी मिठाइयों के थे। उनमें से 44 रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड यानि खाने योग्य नहीं थी। इन मिठाइयों को बेचने वाले दुकानदारों से 4.45 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों के आए सैंपल में से 51 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। विभाग ने कुल 49.50 लाख रुपये जुर्माना वसूला।  दीपावली पर विशेष अभियान में लिए 66 सैंपल  दीपावली एवं भैया दूज पर मिलावट खोरी रोकने के लिए 66 सैंपल मिठाइयों के लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।  किडनी और लीवर को भी पहुंचता है नुकसान मिलावटी मिठाई का सेवन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। त्यौहारों के मौके पर खोया एवं रंग बिरंगी मिठाईयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। सिंथेटिक खोया, केमिकल रंग से बने मिठाइयों के सेवन से आंत में परेशानी, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। मिलावटी खाद्य सामग्री किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाती है। डा. रमन कुमार, फिजीशियन ----- शासन द्वारा चलाए गए दीपावली के विशेष अभियान के दौरान 66 नमूने लिये गए थे, उसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है। छुट्टी के बावजूद टीम पूरी निगरानी कर रही है।  विनीत कुमार, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग ----------- त्योहार पर विशेष तौर पर उन लोगों को सावधानी रखने की जरूरत होती है जो डायबिटीज एवं हृदय रोग की चपेट में हैं। मिठाई खाने खून में शर्करा की मात्रा बढ़ जाता है। इससे मरीजों को परेशानी होती है। बीपी भी बढ़ जाती है, कई बार स्थिति यह हो जाती है कि मरीज कोमा में चला जाता है। इसलिए बेहतर होगा कि भैया दूज के मौके पर हृदय एवं डायबिटीज के मरीज मिठाई से दूरी बनाएं।  डा. एनके गुप्ता हृदय रोग विशेषज्ञ एवं सीएमओ ------------- आशुतोष यादव  
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