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स्वाती नक्षत्र और सिद्धी योग में होगी मां लक्ष्मी की पूजा

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दीपोत्सव इस बार 14 नवंबर को है। धन की देवी लक्ष्मी जी की इस दिन पूजा की जाती है। शुभ मुहूर्त में पूजन करने पर धन धान्य की वृद्धि होती है और घर में समृद्धि आती है। इस बार लक्ष्मी पूजन पर स्वाती नक्षत्र और सिद्धी योग का संयोग बन रहा है। इस बार महालक्ष्मी पूजन स्वाति नक्षत्र और सिद्धि योग में सम्पन्न होगा। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार दिवाली पूजन स्वाती नक्षत्र और सिद्धी योग में मनाया जाएगा। व्यापारिक संस्थान , दुकान, ऑफिस, फैक्ट्री में दिन के समय गणेश लक्ष्मी पूजन का शुभ महूर्त राशियों के अनुसार मकर, कुंभ, मीन और मेष लग्न 11:16 से शाम 17:27 बजे तक बहुत शुभ लग्न हैं। इसके साथ साथ चौघड़िया के शुभ मुहूर्त भी 12:07 से 16: 03बजे तक चर ,लाभ, अमृत के चौघड़िया के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। घर, आवास, फ्लैट मे लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 07:24 बजे से 11:53 बजे तक वृष, मिथुन ,कर्क लग्न में रहेगा। सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त सिंह लग्न में होगा जो रात्रि 11:54 बजे से 2:11 बजे तक रहेगा। इसे निशिथकाल मुहूर्त भी कहते हैं। यह मंत्र जाप ,तंत्र साधना ,लक्ष्मी के मंत्रों को सिद्ध करने के लिए शुभ मुहूर्त होता है। लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय - ज्योतिषाचार्य डा. सोनिका जैन ने बताया कि लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लए दिवाली पर लोग कई प्रकार के उपाय करते हैं। लक्ष्मी पूजन के साथ धन प्राप्ति के उपाय भी किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर घर में धन नहीं टिकता तो नरक चतुर्दशी के दिन लाल चंदन, गुलाब के फूल, रोली एक लाल कपड़े में बांध कर इसका पूजन करने के बाद तिजोरी में आलमारी में रख सकते हैं। इससे धन टिकता है र बरकत होती है। दिवाली से शुरू करते हुए हर अमावस्या की शाम को किसी जरूरतमंद को भोजन कराने से घर में सुख समृद्धि आती है। पूजन विधि और पूजन का क्रम पंडित गिरिश मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले गणेश जी की पूजा, उसके बाद कलश, सूक्ष्म नवग्रह पूजा, महालक्ष्मी का विशेष पूजन, कुबेर पूजन और अंत में दीपदान करें। मां लक्ष्मी को प्रिय है गुलाबी,लाल और पीला वस्त्र, कमल, गुलाब केफूल, श्रीफल, सीताफल बेर, अनार और सिंघाड़े का फल, सुगंध मे केवड़ा, गुलाब और चंदन का प्रिय है।
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