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इनसे है उजाला

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इनसे है उजाला आज के दौर में एक तरफ जहां लोग सिर्फ अपने हित साधने में लगे रहते हैं उन्हें समाज और सोसायटी से कोई मतलब नहीं होता है इसके बावजूद इसी समाज के बीच में एक वर्ग ऐसा भी रहता है जो हर समय समाज के प्रति समर्पित रहता है। ऑर्गेनिक खेती कर किसानों को बना रहे आत्मनिर्भर सुराणा गांव निवासी प्रगतिशील किसान प्रदीप यादव पिछले 5 साल से ना सिर्फ जैविक संसाधनों का प्रयोग कर शुद्ध अनाज पैदा कर रहे हैं बल्कि करीब डेढ़ सौ किसानों को आत्मनिर्भर बनाते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रदीप यादव का उद्देश्य है कि रासायनिक खाद एवं मिश्रित दवाइयों से तैयार दूषित अनाज के दुष्प्रभाव से लोगों को बचाया जा सके। प्रदीप किसानों के सहयोग से गुड़, सब्जी गेहूं और चावल की पैदावार कर रहे हैं प्रदीप की इस कोशिश के लिए कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। ------ 25 साल से करा रहे निशुल्क योग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों में पिछले करीब 9 महीने से नई जागरूकता आई है और ज्यादा से ज्यादा लोग स्वस्थ रहने के लिए योग कर रहे हैं। वही कई ऐसे लोग हैं जो लोगों को योग सिखा रहे हैं। इन्हीं में से एक ऐसे समाजसेवी व  योगाचार्य हैं जो पिछले 25 साल से लोगों को स्वस्थ रहने के लिए निशुल्क ना सिर्फ योगाभ्यास करा रहे हैं बल्कि योग के बाद लोगों को जैविक खानपान की व्यवस्था करते हैं। अखिल भारतीय योग संस्थान के महामंत्री देवेंद्र हितकारी लोगों को योग सिखाने के साथ ही समाज के गरीब वर्ग के आर्थिक मदद भी करते हैं। ------ पर्यावरण संरक्षण एवं बालिका स्वास्थ्य के लिए समर्पित हैं निधि राजनगर एक्सटेंशन निवासी निधि विश्वकर्मा पिछले 8 साल से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही हैं। अब तक 3.5 हजार गाजियाबाद में और एनसीआर में लगभग 5 हजार पौधारोपण करा  चुकी हैं। एक्टिव ग्रीन संस्था की इसके अलावा लड़कियों के सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें पुस्तकें एवं जरूरत की चीजें भी उपलब्ध कराती हैं। ------ गरीब महिलाओं के लिए दीवार बनकर खड़ी होती है सिंधु वरिष्ठ अधिवक्ता सिंधु प्रभा झा गरीब महिलाओं की आवाज बनकर हमेशा खड़ी रहती हैं। 20 साल से कचहरी में वकालत कर रही सिंधु अब तक सैकड़ों गरीब एवं घरेलू हिंसा की शिकार हुई महिलाओं की निशुल्क कानूनी मदद कर चुकी हैं। सिंधु का कहना है कि समाज में जो भी लोग जिस मदद के लायक होते हैं उन्हें खुलकर लोगों की मदद करनी चाहिए इससे आत्म संतुष्टि होने के साथ ही समाज को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिलता है
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