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सीलबंद मिठाई के डिब्बों तक ही सीमित है वैधता तिथि
- शासन ने मिठाई की वैध तिथि लिखने का दिया था निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। त्योहारी सीजन में सिर्फ बड़े मिठाई दुकानदार कुछ मिठाइयों की वैधता तिथि के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जबकि महानगर के अधिकांश मिठाई दुकानदार न तो डिब्बों की पैकिंग पर कोई तिथि लिख रहे हैं और न ही उनके डिस्प्ले बोर्ड पर ही कहीं वैधता के बारे में लिखा जा रहा है। जबकि त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए मिठाई विक्रेताओं के लिए गाइड लाइन जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि विक्रेताओं को मिठाई के बनाने और वैधता की तारीख दर्ज करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले विक्रेताओं पर विभाग कार्रवाई करेगा।
शासन के निर्देश पर खाद्य विभाग ने त्योहारों को लेकर मिठाई विक्रेताओं के लिए गाइड लाइन जारी की है। अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि दुकानों में बनाई गई मिठाइयों के डिब्बों और ट्रे पर बनाने व वैधता की तारीख दर्ज करने के निर्देश दिए जारी किए गए थे। शासन ने कई मिठाइयों की वैधता घोषित की है। उन्होंने बताया कि नई गाइड लाइन को लेकर विक्रेताओं को जागरूक करने के साथ ही अभियान भी चलाया गया था। त्योहारी सीजन में मिठाई की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विक्रेता 15 से 20 दिन पुरानी मिठाई भी बेचते है।
यह है मिठाई की वैधता तिथि
-एक दिन: बटर स्कॉच, कलाकंद, चॉकलेट।
-दो दिन: दूध और बंगाली मिठाई, बादाम मिल्क, रसगुल्ला, रस मलाई, रबड़ी, शाही टोस्ट, राजभोग, चमचम, माधुरी, पाकीजा, खीर मोहन आदि।
-चार दिन तक: मिल्क केक, पेड़ा, बरफी, बूंदी, लड्डू, तिल, शाही घेवर, मोती पाक आदि।
-सात दिन: ड्राईफ्रूट लड्डू, काजू कतली, घेवर, आटा लड्डू, बेसन लड्डू, सोहन हलवा, गजक व चिक्की आदि।
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मेरठ मंडल के कमिश्नर के साथ बैठक हुई थी, उनके निर्देश पर अभियान चलाया गया था। 99 फीसदी दुकानदार मिठाइयों की वैधता के बारे में लिख रहे हैं। कुछ दुकानदार मिठाई के डिब्बे पर लिखवाते हैं, जबकि कुछ दुकानदार डिस्प्ले बोर्ड पर लिखते हैं। अगर कोई दुकानदार नहीं वैधता तिथि नहीं लिख रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विनीत कुमार, जिला अभिहित अधिकारी
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आशुतोष यादव