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पटाखों की जगह खुशियों के दीप जलाने का नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश

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दीपावली - फोटो : Amar Ujala
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एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध: सबहेडः समग्र भारत नाट्य मंच से जुड़े विद्यार्थियों ने एमएमएच कॉलेज में छात्र-छात्राओं को पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति किया जागरूक - नुक्कड़ नाटक में पटाखों के स्थान पर दीयों से घर को रोशन करने का दिया संदेश माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। रोशनी और उल्लास के पर्व दिवाली को पटाखों के बगैर मनाना समय की मांग है। अमर उजाला के एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध अभियान से जुड़कर समग्र नाट्य मंच के कलाकारों और विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए छात्र-छात्राओं को पटाखों की जगह खुशियों के दीप जलाने को जागरूक किया। एमएमएच डिग्री कॉलेज में आयोजित नुक्कड़ नाटक में कलाकारों ने विद्यार्थियों को पटाखों से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर होने वाले नुकसान से रूबरू कराया। कलाकारों ने पटाखों की जगह दीयों के जरिए घर को रोशन करने और असहाय लोगों की दिवाली को खुशियों से भरने का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक में समग्र भारत नाट्य मंच के कलाकार टेकचंद्र के साथ सौरभ कुमार, तनु, निशा, प्रेरणा और शिवम ने एमएमएच डिग्री कॉलेज के विभिन्न डिपार्टमेंट में जाकर विद्यार्थियों को चंद मिनटों की खुशी देने वाले और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों से दूरी बनाने को जागरूक किया। वहीं नुक्कड़ नाटक के जरिए प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की सलाह दी। नुक्कड़ नाटक में कलाकारों ने प्रदूषण के खतरनाक स्तर से पर्यावरण के साथ जनजीवन पर पड़ रहे असर के प्रति सचेत किया। नुक्कड़ नाटक के बाद विद्यार्थियों ने पटाखों से रहित दिवाली मनाने का संकल्प लिया। ---------------- युवाओं का संकल्प, बगैर पटाखे मनाएंगे परः दीप जलाकर व मिठाई खिलाकर मनाई दिवालीः 1. दिवाली रोशनी और उल्लास का पर्व है। बड़े पैमाने पर चलाए जाने वाले पटाखे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। हर साल पटाखों ही प्रदूषण से महानगर की हवा जहरीली हो जाती है। ऐसे में पटाखे की जगह दीए जलाकर और मिठाई खिलाकर पर्व को मनाने को लगातार जागरूक कर रहे हैं। -- टेकचंद, एलएलबी छात्र ---- पटाखों की जगह घर को करें रोशनः 2. पटाखों के बगैर दिवाली मनाने का विद्यार्थियों को संदेश दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को पटाखों से पर्यावरण के साथ स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में जागरूक कर रहे हैं। पटाखों पर पैसे खर्च करने की जगह घर को रोशनी से जगमग करने को प्राथमिकता दें। -- मृदुल कुमार, बीए छात्र ---- प्रदूषण को कम करना सामूहिक जिम्मेदारीः 3. पटाखों के बिना दिवाली वर्तमान में वक्त की मांग है। प्रदूषण का स्तर पहले से ही खतरनाक है। शहर की हवा और न बिगड़े, इसके लिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि पटाखों का कम से कम प्रयोग करें। पटाखों के विरुद्ध मुहिम को विद्यार्थियों का समर्थन मिल रहा है। विद्यार्थियों को लगातार जागरूक कर रहे हैं। -- गायित्री, बीएड छात्रा ---- असहाय लोगों की दिवाली को करें जगमगः 4. प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इस बार गंभीरता से जरूरत है कि पटाखों से दूरी बनाई जाए। पटाखों पर पैसे खर्च करने की जगह असहाय लोगों की सहायता कर उनकी दिवाली जगमग करने का प्रयास करें। जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पटाखे नहीं जलाने का संकल्प लिया है। -- अमित राज, बीए छात्र ------------------- जीडीए उपाध्यक्ष कोटः प्रदूषण का बढ़ता स्तर गंभीर समस्या है। शासन-प्रशासन की ओर से लगातार प्रदूषण को कम करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदूषण की बढ़ती समस्या को सामाजिक सहभागिता और जागरूकता से हल किया जा सकता है। पटाखों को लेकर एनजीटी के साथ सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। घरों को दिए से रोशन करने के साथ एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियों भरी दिवाली मनाएं। -- कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए ------------
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