एक समान मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर थालीपीट कर विरोध जताती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
सबहेडः ट्रैक्टर, ट्रॉली के साथ छह गांव के किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, जीडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी, महिलाओं ने थाली बजाकर जताया विरोध
- मिलने की मांग पर अड़े किसानों से डीएम ने कैंप कार्यालय पर की मुलाकात, एक समान मुआवजा दिलवाने का दिया आश्वासन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। एक समान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों ने सोमवार को कलक्ट्रेट का घेराव किया। योजना से प्रभावित छह गांव के सेकडों की संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्रॉलिओं और पैदल चलते हुए सदरपुर गांव से कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट पहुंचकर किसानों ने जीडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दूसरी और बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने थाली पीटकर विरोध जताया।
कलक्ट्रेट पर करीब तीन घंटे चले हंगामा प्रदर्शन के साथ किसान डीएम से मिलने पर आने रहे। हंगामा बढ़ता देख डीएम अजय शंकर पांडेय ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से अपने कैंप कार्यालय पर मुलाकात की। डीएम ने किसानों को एक समान मुआवजे की मांग लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। कलक्ट्रेट पर हुए धरना प्रदर्शन में सदरपुर, मैनापुर, नंगलापाट, याकूबपुर, मोरटा और दुहाई के किसानों के साथ महिलाओं ने भाग लिया।
एक समान मुआवजे की मांग को लेकर मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों का धरना बीते पांच माह से जारी है। किसानों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के कई बार आश्वासन के बावजूद समस्या का कोई समाधान न निकलने से नाराज किसानों ने कलेक्ट्रेट के घेराव का निर्णय लिया। सोमवार सुबह 11 बजे किसानों के साथ महिलाएं ट्रैक्टर ट्रॉली ओं के साथ पैदल ही कलक्ट्रेट के लिए कूच कर गए। सदरपुर पुलिस लाइन गेट के सामने किसानों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी। लेकिन किसानों के आक्रोश के आगे पुलिस के इंतजाम नाकाफी साबित हुए। बैरिकेडिंग हटाकर किसान कलक्ट्रेट की ओर निकल गए। कलेक्ट्रेट पर पहुंचते ही किसानों ने जीडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वही धरना स्थल पर महिलाओं ने थालीपीठ कर विरोध जताया। धरना स्थल पर एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान डीएम से मिलने की अपनी मांग पर अड़े रहे। तीन घंटे से ज्यादा चले हंगामे के बाद में किसानों के प्रतिनिधिमंडल को डीएम से मिले आश्वासन के बाद किसान लौट गए। इस मौके पर महेंद्र मुखिया, बॉस चौधरी, सुरदीप शर्मा, भूपेंद्र चौधरी, गौरीशंकर, संदीप चौधरी, आशु चौधरी सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
----------------------
एक समान मुआवजे की मांग को अडिग हैं किसानः
आंदोलन के अध्यक्ष व किसान नेता सुरदीप शर्मा ने कहा कि जीडीए और जिला प्रशासन के अधिकारी बार-बार आश्वासन देकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। एक समान बढ़े हुए मुआवजे की मांग पर किसान अडिग हैं। अक्टूबर 2007 में किसानों के साथ हुए समझौते की लगातार अनदेखी की हो रही है। किसानों के साथ हुए समझौते में साफ था कि अधिसूचना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि का भविष्य में सहमति के आधार पर यदि उपरोक्त निर्धारण प्रतिकर से अधिक प्रतिकर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित होता है तो बढ़े हुए प्रतिकार का लाभ इस करार में सम्मिलित भू-स्वामियों को भी देय होगा। डीएम ने उनकी एक समान मुआवजा की मांग कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मंगलवार को फिर प्रशासनिक अधिकारियों की इस बाबत बैठक होगी।
-----------------
यह है विवाद
मधुबन बापूधाम योजना के लिए जीडीए ने 1234.13 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। प्राधिकरण की ओर से किसानों को भू-अर्जन अधिनियम के तहत उस वक्त जमीन का 1100 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया गया था। बाद में कई किसान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट चले गए। फिर कोर्ट के आदेश पर विभिन्न गांव के 76 किसानों को नई भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जीरे की ओर से मुआवजा दिया गया। ऐसे में बाकी किसान भी एक समान बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
----------------------
हापुड़ रोड पर लगा जाम, ट्रैफिक किया डायवर्टः
किसानों के कलक्ट्रेट घेराव की सूचना पर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉलिओं के साथ पैदल किसानों के मार्च के चलते हापुर रोड पर करीब तीन से चार घंटे जाम की स्थिति बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस की ओर से कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक को हापुड़ चुंगी से ही डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद हापुड़ रोड पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। कलक्ट्रेट पर भी पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे।
----------------
कोट्स: किसान
4. एक समान मुआवजा मिलने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस के दम पर किसानों की जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने और मामला सुलझने तक योजना में निर्माण कार्य रुकवाने की बात कही है। -- सुरदीप शर्मा, किसान
---
2. किसानों से हुए समझौते का उल्लंघन कर जीडीए जबरन जमीन पर कब्जा ले रहा है। किसानों की मांगों पर कार्रवाई की जगह उन्हे केवल आश्वासन दिया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर सभी छह गांव के किसान एकजुट हैं। सफलता मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। -- मोहित चौधरी, किसान
---
3. पांच माह से आंदोलनरत किसानों की बात सुनने को कोई तैयार नहीं था। एक समान मुआवजा किसानों का हक है। किसानों के साथ हुए समझौते का जीडीए को पालन करना होगा। -- संगीता देवी, किसान
---
4. किसानों को आश्वासन देकर होने लगातार भ्रमित किया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर सभी किसान शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। जबरन किसानों की जमीन पर कब्जा करना ठीक नहीं है। -- अमरेश देवी, किसान
---------------------