फंड की कमी से दिल्ली-यूपी बार्डर पर स्वागत द्वार का प्रस्ताव अटका
- अगले वर्ष में फंड इकट्ठा होने पर जीडीए करेगा अग्रिम कार्रवाई शुरू
- दो से ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव हुआ है तैयार
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद।
जीडीए में फंड की कमी के कारण कई प्रमुख प्रस्ताव अभी तक अटके हुए हैं। दिल्ली-यूपी बॉर्डर (तुलसी निकेतन) पर स्वागत द्वार बनाने का प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद अभी उसका टेंडर नहीं डाला गया है। यह प्रस्ताव दो से ढाई करोड़ रुपये में तैयार हुआ है। जीडीए बकायदारों से फंड एकत्रित होने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।
वर्ष 2020 के शुरुआत में सीएम योगी आदित्यनाथ ने हिंडन एयरपोर्ट से दिल्ली जाने के दौरान दिल्ली-वजीराबाद रोड पर गंदगी और बदहाली को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इस बीच सीएम ने दिल्ली यूपी बॉर्डर यानी तुलसी निकेतन चौकी से आगे कट पर स्वागत द्वार बनाने के लिए भी कहा था। इस अगले दिन प्रशासन,जीडीए, पुलिस और नगर निगम के तमाम बड़े अधिकारी तुलसी निकेतन चौकी पहुंचे और स्वागत द्वार बनाने की रणनीति बनानी शुरू की थी। इस दौरान पीडब्ल्यूडी और जीडीए के बीच तय हुआ कि स्वागत द्वार जीडीए बनाएगा। इसके बाद जीडीए ने स्वागत द्वार की ड्राइंग बनाकर उसे अप्रूवल के लिए उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया। अब प्रॉजेक्ट का प्रस्ताव करीब दो से ढ़ाई करोड़ रुपये का तैयार हो गया है। लेकिन फंड की कमी से टेंडर नहीं डाला गया है। इसको लेकर जीडीए के अधिशासी अभियंता एसके सिन्हा का कहना है कि प्रस्ताव बनकर तैयार हो गया है। फंड की कमी से अभी टेंडर नहीं डल सका है। बकायदारों से लगातार पैसा जमा करने के लिए कहा जा रहा है। पैसे एकत्रित होने के बाद जल्द ही टेंडर डालने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
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सुमित कुमार