माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। शरद पूर्णिमा शनिवार को मनाई जाएगी। शरद पूर्णिमा पौराणिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। पंडित शिवकुमार शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा को महालक्ष्मी और भगवान विष्णु का विशेष दिवस माना जाता है। शुभ मुहूर्त में किया हुआ जाप कई गुना लाभ देता है।
शरद पूर्णिमा के दिन शनिवार को लक्ष्मी विष्णु पूजन के शुभ समय प्रात: 7:50 बजे से 10:08 बजे तक वृश्चिक लग्न में,दोपहर 13:54 बजे से 15:22 बजे तक मकर लग्न में और शाम को 18:30 बजे से 20:19 बजे तक कुंभ लग्न में रहेगा। स्थिर लग्नों मे लक्ष्मी का पूजन बहुत शुभ होता है। उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा के चंद्रमा के दर्शन करने से मन संबंधी परेशानियां दूर जाती हैं! मन प्रसन्न रहता है। इस दिन आप चंद्र का स्टोन मोती,चंद्रमणि आदि धारण कर सकते हैं !इस रात्रि को गाय के दूध से बनाई गई खीर चंद्रमा के प्रकाश में रखकर अगले दिन प्रातः काल खाने से शरीर पुष्ट हो जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन की कुछ लोग कार्तिक कार्तिक स्नान आरंभ कर देते हैं। इस दिन महिलाएं घर की सुख शांति के लिए कार्तिक मास का स्नान आरंभ करती हैं जो प्रातः तारों की छांव में किया जाता है! ऐसा माना जाता है कि कार्तिक स्नान करने से घर में समृद्धि बढ़ती हैऔर सुख शांति रहती है।