- पुलिस के एक अधिकारी पर लगाया गैंग की सक्रिय सदस्य बताकर बदनाम करने का आरोप
- बयान का खंडन न करने पर पीडि़ता ने दी आत्मदाह की चेतावनी, पुलिस मान-मनौव्वल में जुटी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा करने वाला गैंग बेनकाब होने के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया। गैंग की शिकार युवती ने एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ एसएसपी दफ्तर पर धरना दे दिया। पीडि़ता का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने उसे गैंग की सक्रिय सदस्य बताकर उसे बदनाम किया है। पीडि़ता ने अफसर से बयान का खंडन करने और गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने की मांग की। पीडि़ता ने धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी। पीडि़ता द्वारा धरना देने की सूचना पर पुलिस के माथे पर बल पड़ गए। सूचना पर पहुंचीं सीओ क्राइम आलोक दुबे ने पीडि़ता तो समझा-बुझाकर धरने से उठाया और गैंग से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।...............
बता दें कि पीलीभीत की रहने वाली पीडि़ता की शिकायत पर बुधवार को सिहानी गेट पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा करने वाले गैंग की दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पीडि़ता का आरोप था कि पकड़ा गया लकी उर्फ आमीन मोहम्मद नौकरी लगवाने और शादी करने का झांसा देकर बीते 2-3 साल से उसके साथ बलात्कार कर रहा था। हथियारों के बल पर आरोपी उसे बंधक बनाए हुए था और उससे देह व्यापार कराता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीडि़ता का कहना था कि वह एक एनजीओ की महिला के संपर्क में थी। इस महिला ने लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर की मदद लेकर गैंग से उसे रेस्क्यू कराया था। आरोपियों के चंगुल से छूटकर वह सिहानी गेट थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
पीडि़ता को धरने पर देख चौंके लोग.......................
बृहस्पतिवार को पीडि़ता एसएसपी कार्यालय पर पर धरने पर बैठ गई तो पुलिस में हड़कंप मच गया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस के एक अधिकारी ने अपने बयान में उसे देह व्यापार गैंग की सक्रिय सदस्य बताया। जबकि वह गैंग से पीडि़त थी। पीडि़ता का कहना है कि मीडिया में आए अफसर के बयान से उसकी सामाजिक छवि खराब हुई है। पीडि़ता ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस अधिकारी ने अपने बयान का खंडन नहीं किया और गैंग से जुड़े सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह आत्मदाह कर लेगी। पीडि़ता की चेतावी के बाद पुलिस अधिकारी उसकी मान-मनौव्वल में जुट गए।