बढ़ रहे डेंगू के मरीज, नहीं चल रहा कोई अभियान
- सरकारी आंकड़े में सिर्फ 20 डेंगू मरीज की पुष्टि
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही मच्छरों के काटने से डेंगू और मलेरिया बुखार भी बढ़ने लगा है। इसके बावजूद न तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही नगर निगम द्वारा कोई अभियान चलाया जा रहा है। जिले में सैकड़ों मरीज मिलने के बावजूद अभी तक सिर्फ 20 डेंगू के मरीजों की पुष्टि की है। जबकि मलेरिया बुखार से पीड़ित सिर्फ 25 मामले बताए जा रहे हैं।
नहीं हो रही सैंपलिंग
हर वर्ष मलेरिया विभाग जुलाई से लेकर नवंबर तक डेंगू और मलेरिया की जांच कराने के लिए स्लाइड बनवाता था। जिला एमएमजी एवं संयुक्त अस्पताल में मलेरिया विभाग का एक कर्मचारी बैठाया जाता था। इससे इन पांच महीनों आठ से दस लाख लोगों की जांच फाइलों में दर्शाया जाता था और दो से ढाई लोगों की जांच भी हो जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना का रोना लेकर विभाग ने जांच भी नहीं शुरू कराई। अब सिर्फ उन्ही मरीजों की जांच की जा रही है जिनके अंदर लक्षण मिल रहे हैं या कोई स्वतः जांच कराना चाहे। इस बार दवाइयों की खरीदारी भी फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। इससे न तो कहीं छिड़काव कराया जा रहा है और न ही कहीं फागिंग अभियान चलाया गया।
जुलाई में शुरु होने वाला संचारी रोग नियंत्रण अभियान कोरोना के चलते अक्टूबर में चलाया गया और उसे भी केवल कागजों में ही पूरा कर दिया गया। अभियान के तहत डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम करने और डेंगू मलेरिया बचाव की जानकारी देने की जगह केवल घरों पर स्टीकर लगाकर अभियान को पूरा कर दिया गया।
विभाग के एक उच्चाधिकारी का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत घरों पर स्टीकर लगाकर लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मरीजों की सैंपलिंग अभियान नहीं चलाया गया, लेकिन जो भी संदिग्ध आते हैं उनकी जांच कराई जाती है।
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आशुतोष यादव