- बेटी को खोने के बाद मोचर्री पर रो-रोकर बेसुध हो रही मां की जुबान पर आया दर्द
- मुंहबोले चाचा के खौफनाक इरादों से थी अनजान, कंधों पर हंसते-खेलते जा रही थी मासूम
10 घंटे में दो हत्या : एक में रिश्तों का कत्ल तो दूसरी में भरोसे का
- मुंहबोले चाचा के कंधों पर हंसते-खेलते जा रही थी मासूम, उसके खौफनाक इरादों से थी नाकाम
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दरिंदगी के बाद ढाई वर्षीय मासूम की हत्या की घटना कलेजा बैठाने वाली है। घटना को लेकर हर कोई गुस्से में है तो वहीं, मासूम के परिवार को भी यकीन नहीं हो रहा। मोर्चरी पर बच्ची की मां का रोर-रोकर बुला हाल हो रहा था। वह बार-बार यह कह रही थी कि चंदन उसके पति का दोस्त था। उसका घर आना-जाना था। बच्चे उसे चाचा बोलते थे। उसने भरोसे का कत्ल किया है। बच्ची की मां मांग करती रही कि चंदन को उसके हवाले कर दिया जाए। वह उसके ब्लेड से टुकड़े करना चाहती है। रो-रोकर बेसुध हो रही मां को देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही थीं।........................
बच्ची की मां का कहना है कि उसकी बेटी ने किस हालत में दम तोड़ा होगा, यह सोचकर ही कलेजा फटने को आ रहा है। जिस तरह चंदन ने उसकी बेटी को मारा है, उसी तरह वह भी चंदन को तड़प-तड़पकर मरते हुए देखना चाहती है। उसने कहा कि चंदन को उसे सौंप दिया जाए। वह ब्लेड से उसके टुकड़े कर जख्मों पर नमक छिड़केगी। वह चंदन की चीख सुनना चाहती है। किसी के साथ हैवानियत दिखाने पर उस पर क्या बीतती है, यह बात वह चंदन को बताना चाहती है। बेबस मां की चीख मोर्चरी पर परसे सन्नाटे को चीरती जा रही थीं। वहां मौजूद हर शख्स खुद को भावुक होने से नहीं रोक सका।
मैं जीना नहीं चाहती, ट्रेन के आगे ले चलो...............
बेटी की मौत से आहत मां हत्यारोपी चंदन की मौत के साथ-साथ अपनी मौत भी मांग रही थी। उसका कहना था कि चंदन उससे ही मासूम बेटी को छीनकर ले गया था। उसे क्या पता था कि उसके इरादे इतने खौफनाक हैं कि अब उसकी बेटी जिंदा वापस नहीं लौटेगी। पीडि़त मां कह रही थी कि वह भी अब जीना नहीं चाहती। उसे ट्रेन के सामने ले चलो। वह भी मरना चाहती है।
हंसते-खिलखिलाते जा रही थी कंधे पर बैठी मासूम............
चंदन पर फैक्टरी कर्मी और उसकी पत्नी को ही नहीं, बल्कि बच्चों को भी भरोसा था। चाचा-चाचा कहकर फैक्टरी कर्मी के दोनों बच्चे चंदन से लिपट जाते थे। घर से ले जाने के बाद चंदन ने बच्ची को अपने कंधे पर बैठा लिया था। बच्ची को ले जाता चंदन सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुआ है। फुटेज से साफ जाहिर है कि कंधे पर बैठी बच्ची हंसते-खेलते हुए बेखौफ होकर जा रही थी। परिजनों का कहना है कि बेटी इतना मासूम थी कि उसे अपने साथ गठित होने की वाली घटना का अहसास तक नहीं था।
10 घंटे में दो हत्या : एक में रिश्ते का कत्ल तो दूसरी में भरोसे का................
शहर में 10 घंटे के भीतर हुईं दो हत्याओं ने तमाम सवाल खड़े किए हैं। विजयनगर में भाई की हत्या में रिश्तों का कत्ल हुआ तो कविनगर में मासूम की हत्या की घटना में भरोसे का कत्ल हुआ। भरोसे का कत्ल किया। दोनों ही घटनाओं के बाद लोग हैरान हैं, सहमे हुए हैं। लोग इस हद तक भी जा सकते हैं, यह भरोसा नहीं हो रहा। मासूम बच्ची के साथ हुई घटना दिल को झकझोरने वाली है। हत्यारोपी ने दस साल का भरोसा चंद मिनटों में तोड़ दिया, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
----------------------------------------
पहले भी हुआ है रिश्तों व भरोसे का कत्ल............
- 11 जनवरी : बेहटा हाजीपुर में 11 जनवरी को कारोबारी ने सुपारी देकर पत्नी की हत्या कराई।
- 10 अप्रैल : स्वर्णजयंतीपुरम कॉलोनी में भतीजे सुधीर ने अपनी बुजुर्ग ताई तुलसा देवी की गला दबाकर हत्या कर दी
- 27 अप्रैल : कोतवाली क्षेत्र में रशिका ने अपनी मां रमा और मां के प्रेमी के साथ मिल पति सुरजीत की हत्या कर दी।
- 28 अप्रैल : लोनी क्षेत्र में पति अजीम ने पत्नी रूबी की चाकू व कांच के टुकड़ों से गला रेतकर हत्या कर दी।
- 07 मई : कविनगर थाना क्षेत्र के बालाजी एंक्लेव में रहने वाली बीएसएफ के दरोगा की पत्नी अनीता की उसके ही ननदोई विनोद ने गोली मारकर हत्या कर दी।
- 12 मई : चिरोड़ी गांव में सलीम ने पत्नी दिव्या की सुपारी देकर हत्या करा दी।
- 14 जुलाई : विजयनगर निवासी महिला की कनावनी निवासी दूसरे पति ने पानी में डुबोकर हत्या के बाद शव फेंका।
- 16 जुलाई : लोनी के राहुल गार्डन निवासी संजीत ने पत्नी कल्पना की हत्या कर दी।
-21 जुलाई : डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले डॉ. कमल सिंह तोमर ने सुपारी देकर बेटे ऋषभ की हत्या करा दी।
- 25 जुलाई : मसूरी के डासना में युवक ने 55 वर्षीय मां की फावड़े से काटकर हत्या की।
-02 सितंबर : ट्रॉनिका सिटी के राम पार्क कॉलोनी में पति-पत्नी के विवाद में दामाद ने सास की चाकू से गोदकर हत्या की।