मौसम में बदलाव और प्रदूषण से बढ़े सांस के मरीज
- अस्पताल में आने वाले 75 फीसदी मरीज प्रदूषण से परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद।
कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के साथ ही मौसम में बदलाव होने के साथ ही बढ़ते प्रदूषण का असर शहर के लोगों पर पड़ना शुरू हो गया है। इन दिनों अस्पतालों में 75फीसदी मरीज सांस लेने में समस्या, सीने में दर्द, खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चों का खांस-खांसकर बुरा हाल है। ऐसे में डॉक्टरों ने सलाह दी है कि जितना हो सके घर से बाहर निकलने से बचें। बहुत जरूरी होने पर मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। पिछले एक सप्ताह से सरकारी अस्पताल हो या फिर प्राइवेट या फिर क्लीनिक सब जगह इन दिनों सांस लेने की परेशानी बताने वाले मरीजों की भरमार है।
स्वयं डाक्टर बनकर न करें इलाज
अस्पतालों में लोग खांसी, सांस फूलने, गले में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। आईएमए अध्यक्ष एवं पल्मोनोलॉजिस्ट डा. आशीष अग्रवाल का कहना है कि बहुत से लोग ऐसे हैं जो डॉक्टर के पास नहीं जा रहे, उन्होंने इनहेलर लेकर रख लिए हैं। लोगों को खुद से डॉक्टर नहीं बनना चाहिए, वरना परेशानी हो सकती है।
छोटे बच्चे हो रहे बहुत परेशान : छोटे बच्चे खांसी से परेशान हैं। ज्यादातर परिजन बच्चों को खांसी, नाक बंद होने के चलते सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
बाहर से घर आकर गर्म पानी से नहाएं :
डाक्टरों की सला है कि घर से निकलते वक्त मास्क लगाएं। वापस आने पर गुनगुने पानी से गरारे करें। कोशिश करें कि हल्के गर्म पानी से स्नान करें ताकि प्रदूषित कण त्वचा को नुकसान न पहुंचा सकें।
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खराब प्रदूषण से बच्चे बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। इन दिनों खांसी, निमोनिया के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। सुबह-शाम प्रदूषण का असर ज्यादा रहता है, इसलिए कोशिश करें कि बच्चों को घर में रखें। बहुत जरूरी हो तो बच्चों को मास्क लगाकर बाहर ले जाएं। जयादा से ज्यादा पानी पिलाएं।
डा. आनंद प्रकाश, बाल रोग विशेषज्ञ महिला अस्पताल
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आशुतोष यादव