तीन साल की बच्ची समेत 127 कोरोना संक्रमित
- 1163 का चल रहा है इलाज
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की चपेट में तीन साल की बच्ची समेत जिले में 127 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। संक्रमण मुक्त हुए 206 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक जिले में कुल 17089 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 15845 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि संक्रमण की चपेट में आने से 81 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी 1163 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों एवं होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। जिले में एक्टिव मरीजों में से 40 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में उपचार करवा रहे हैं। जबकि लगभग बीस प्रतिशत मरीज दिल्ली व अन्य जिलों में उपचार करवा रहे हैं।
रविवार को जारी आंकड़े में गुल मोहर रोड इंदिरापुरम में पति-पत्नी, अहिंसा खंड में तीन साल की बच्ची और उसकी मां, गोविंदपुरम में एक ही परिवार में पांच साल के बच्चे समेत छह लोग, वसुंधरा व मोदीनगर में मां-बेटी और सैन्यपुरा मोदीनगर में तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कम हो रही मरीजों की संख्या, स्वस्थ हो रहे लोग
जिले में कोरोना संक्रमण कम होना शुरू हो गया है। जुलाई-अगस्त में जिस तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ी थी, उससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अलावा आम लोग भी तनाव में आ गए थे। बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों की जरूरत महसूस की जाने लगी थी। हालांकि संक्रमित मरीजों में 80 फीसद बिना लक्षण वाले थे। 20 प्रतिशत में 50 वर्ष से अधिक आयु वाले और कोरोना संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया जाना जरूरी था। सितंबर के अंतिम सप्ताह में संक्रमण कम होना शुरू हुआ और अक्टूबर में संक्रमण की चपेट में आने वालों की संख्या सौ से सवा के बीच हो गई। अब जिले में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1163 रह गई है। यह संख्या सितंबर के अंत में दो से ढाई हजार के बीच थी। अक्टूबर में औसतन 150 मरीज प्रतिदिन सामने आए और संक्रमण मुक्त होने वालों का औसत लगभग 180 रहा। जिले में संचालित तीन सरकारी अस्पतालों में ईएसआई राजेंद्र नगर में 35 मरीज, संयुक्त अस्पताल एल-2 में 40 मरीज और संतोष एल-3 अस्पताल में 25 मरीजों का उपचार चल रहा है। मरीजों की संख्या घटने के चलते एसआरएम यूनिवर्सिटी में चल रहे एल-1 अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने बंद कर दिया है। इसके अलावा जिले के 12 निजी अस्पतालों में लगभग 300 मरीजों का उपचार चल रहा है। जबकि निजी अस्पतालों में बेड की क्षमता 1200 से ज्यादा है। होम आइसोलेशन में फिलहाल 578 मरीजों का उपचार चल रहा है। 200 से ज्यादा मरीज दिल्ली, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ में अपना उपचार करवा रहे हैं।
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आशुतोष यादव