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मौसम बदलाव में तेजी से फैला वायरल, कोरोना संक्रमण कम

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मौसम बदलाव में तेजी से फैला वायरल, कोरोना संक्रमण कम - स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना त्योहारी सीजन में लापरवाही बना सकती है कोरोना संक्रमित माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। इस समय मौसम में बदलाव होने के साथ ही बुखार व सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ गए हैं। ऐसे में सामान्य फ्लू होने पर भी लोगों में कोरोना संक्रमण का भय फैल जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी सीजन यानि नवरात्र, रामलीला और दीपावली के आसपास संक्रमण फैलने की आंशका है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप स्वयं के साथ ही घर परिवार के लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और मास्क लगाएं। कोविड लेवल-2 में मरीजों का उपचार कर रहे डा. आरसी गुप्ता का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल न रखा गया हो और मास्क भी न लगा हो तब जांच जरूर करवाएं। चाहे उस वक्त कोरोना के लक्षण दिख रहे हों या नहीं। जांच ऐंटीजेन टेस्ट कराएं या आरटीपीसीआर। रिजल्ट पॉजिटिव आए या नेगेटिव, मास्क लगाकर और 6 फुट की दूरी का पालन करते हुए ही घर से बाहर जाना है। परिवार में जिसका टेस्ट पॉजिटिव निकला हो, उसे सेल्फ आइसोलेशन में रहने दें। परिवार के दूसरे सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी अगर लक्षण न उभरें यानी बिना लक्षण वाले (कोरोना कैरियर) हों तब भी जरूरी बातों का ध्यान रखें। बिना लक्षण मरीज के लिए होम आइसोलेशन में रखें यह सावधानी  डा. अंशुल वार्ष्णेय का कहना है कि बिना लक्षण वाले मरीज (कोरोना करियर) की सेहत खुद के लिए चिंता का जरूरत नहीं होती, लेकिन वह दूसरे लोगों तक इंफेक्शन फैला सकता है। वह परिवार के लिए आइसोलेशन के दौरान इन बातों का ख्याल रखें।  - होम आइसोलेशन के दौरान हर समय तीन लेयर वाला मास्क लगाए रहें। हर 12 घंटे में इस मास्क बदल दें। - मास्क को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइडड के साथ डिसइंफेक्ट करने के बाद ही कूड़ेदान में फेंका जाना चाहिए। - आइसोलेशन के दौरान मरीज को सिर्फ एक तय कमरे में ही रहना चाहिए। खासतौर पर बुजुर्गों, हाइपरटेंशन के मरीजों, जिन्हें हार्ट की समस्या हो या जिन्हें गुर्दे की बीमारी हो, उनसे दूरी जरूरी है। - सफाई का ध्यान रखें। कहीं भी छूने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए हाथों को साफ रखें। -दूसरों की पर्सनल चीजों का इस्तेमाल न करें और न ही अपने सामान दूसरे लोगों को इस्तेमाल के लिए दें। - नियमित रूप से अपने शरीर का तापमान चेक करते रहें। - बिना लक्षण या कम लक्षण वाले मरीजों को छींकने या खांसने जैसी परेशानी नहीं होती, इसलिए परिवार के सदस्य मास्क लगाकर उसके कमरे में जाकर उसे खाना दे सकते हैं। -अगर मुमकिन हो तो ऐसे लोगों के लिए वॉशरूम अलग हों। अगर न हों तो इस्तेमाल करने के बाद उसे डिसइंफेक्ट कर दें। शरीर में इस बदलाव की तरफ ध्यान दें अगर कोई कोरोना संक्रमित हो जाता है तो घर के वह सदस्य जिनकी सेहत और इम्यून सिस्टम कुछ कमजोर है जैसे बुजुर्ग, बीपी और शुगर या दिल के मरीज, 10 साल से कम उम्र के बच्चे की सेहत पर नजर रखें। भले ही कोरोना बिना लक्षण वाला ही क्यों न हों। ऑक्सीजन लेवल जरूर देखें -ऐसे लोगों में सामान्य से कोई भी अलग लक्षण दिखें तो फौरन सजग हो जाएं। - लक्षणों को नजरअंदाज बिलकुल न करें। -घर में ऑक्सिमीटर जरूर रखें। ---------------- आशुतोष यादव 
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