मोहन नगर एफओबी में फाइनेंशियल कमी और पेड़ बने अड़चन
- पेड़ की छंटाई के लिए वन विभाग को लिखा पत्र
- वन विभाग से मंजूरी के बाद पेड़ हटते ही 20 दिनोों का काम बचा
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद।
मोहन नगर चौराहे पर बन रहे जनपद के पहले एस्केलेटर युक्त एफओबी में एक बार फिर फाइनेंशियल कमी और पेड़ अड़चन बन गए हैं। जीडीए ने पेड़ और पोल हटाने के लिए वन विभाग व नगर निगम को पत्र लिखा हुआ है। दोनों विभाग से मंजूरी मिलने पर इनके हटते ही अगले 20 दिनों में एस्केलेटर लगाने का काम पूरा हो जाएगा। जीडीए ने इस प्रॉजेक्ट की डेडलाइन 30 अगस्त तय की थी।
मोहन नगर चौराहे पर दो करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से शहर का पहला एस्केलेटर युक्त एफओबी बन रहा है। इसकी लंबाई करीब 150 मीटर की है। जो मोहन नगर वर्ल्ड स्क्वॉयर मॉल की तरफ से चौराहे को पार करते हुए वसुंधरा की तरफ जाने वाले रोड़ को कनेक्ट कर रहा है। बीती 27 जनवरी को एफओबी का स्ट्रक्चर जोड़ने का काम हुआ था। इसके लिए दो रात और तीन दिन चौराहे को अलग-अलग फेस में बंद किया गया था। यह काम पूरा होने के बाद एस्केलेटर लगाने का काम शुरू होना था। लेकिन लॉकडाउन में निर्माण एजेंसी को धनराशि न मिलने की वजह से काम बंद हो गया था। जून-जुलाई माह में शासन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये मिलने के बाद कंपनी ने काम शुरू कर दिया लेकिन इस बार काम में बिजली विभाग के तार और नगर निगम का पोल बीच में आ गए। इसके लिए जीडीए ने पत्र लिखा था। जीडीए के एक्सईएन एसके सिन्हा ने बताया कि मोहन नगर चौराहे पर बिजली विभाग की एचटी लाइन और नगर निगम का यूनिपोल व हाईमास्ट लाइट अड़चन बन रही हैं। जबकि वन विभाग से पेड़ों को भी हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। इन सभी के हटने के बाद अगले 20 दिनों में एस्केलेटर भी लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
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सुमित कुमार