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दिवाली से पहले इंदिरापुरम को मिलेगी शक्तिखंड डंपिंग ग्राउंड में गंदगी से राहत

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नोट ः एक्सक्लूसिव स्टोरी कृप्या खबर को डिजिटल पर न चलाएं दिवाली से पहले इंदिरापुरम को मिलेगी शक्तिखंड डंपिंग ग्राउंड में गंदगी से राहत - निजी कंपनी मशीनें लगाकर छह माह में करेगी कूड़े का निस्तारण - नगर निगम मुख्यालय से कंपनी को वर्कऑर्डर हुआ जारी - एनजीटी के आदेश पर लोगों को मिलेगी कूड़ा निस्तारण से राहत  सुमित कुमार   साहिबाबाद।  दिवाली से पहले गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम द्वारा इंदिरापुरम की साढ़े छह लाख से अधिक आबादी को गंदगी व बदबू से राहत मिलेगी। शक्तिखंड डंपिंग ग्राउंड में सफाई के लिए निजी कंपनी को नगर निगम मुख्यालय से वर्कऑर्डर जारी हो गया है। इसी हफ्ते में कंपनी वहां मशीनें लगाकर कूड़ा निस्तारण के लिए काम शुरू कर देगी। छह माह के अंदर निजी कंपनी कूड़ा निस्तारण कराकर जीडीए को यह जमीन सौंपेगी। वहीं, प्रॉजेक्ट के लिए जीडीए के एक्सईएन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पिछले करीब आठ वर्षों से शक्तिखंड समेत पूरे इंदिरापुरम के लोगों द्वारा डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा उठवाने की मांग की जा रही थी। कई बार जीडीए अधिकारियों से मुलाकात भी की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। डंपिंग ग्राउंड में काफी मात्रा में कूड़ा इकट्ठा होने से जीडीए या नगर निगम के पास संसाधनों की कमी थी। इसके अलावा जनपद में भी कूड़ा डालने के लिए जमीन की भी कमी थी। इसको लेकर अधिकारी परेशान और मजबूर थे। फिलहाल चार महीनों की जद्दोजहद के बाद अब नगर निगम मुख्यालय से निजी कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी हो गया है। जहां कंपनी छह महीने में पांच हजार किलोग्राम से ज्यादा कूड़े का निस्तारण करेगी। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद की निजी कंपनी को करीब सवा तीन करोड़ रुपये का टेंडर पास हो गया है। इसके बाद कंपनी की तरफ से डंपिंग ग्राउंड में मशीनें लगाकर कूड़े को डिस्पोज किया जाएगा। कंपनी के पदाधिकारियों को सोमवार के बाद ही मशीनें लगाकर काम शुरू करने के लिए बोला गया है। जबकि प्रॉजेक्ट की प्रग्रति पर नजर बनाए रखने के लिए जीडीए के अधिशासी अभियंता एके चौधरी को ही नोडल अधिकारी बनाया गया है। वेस्ट मटेरियल से तैयार होगा बेस्ट आइटम ः नगर निगम के एक्सईएन देशराज सिंह ने बताया कि निजी कंपनी को इस हफ्ते डंपिंग ग्राउंड में काम शुरू करना है। एनजीटी के आदेश पर यह काम होगा। कंपनी के लोग वहीं मशीनें लगाकर कूड़े का निस्तारण करेंगे। जबकि वेस्ट मटेरियल से बेस्ट आइटम्स भी बनाने का काम चलेगा। कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर करीब सवा तीन करोड़ का डाला गया है। इसकी टेक्नीकल बिड और फाइनेंशियल बिड पूरी होने के बाद ही नगर आयुक्त के निर्देश पर काम शुरू कराया जा रहा है। जीडीए के अधिशासी अभियंता एके चौधरी का कहना है कि मुझे ही प्रॉजेक्ट का नोडल अधिकारी बनाया गया है। छह महीने के अंदर कंपनी को कूड़ा निस्तारण करना है। इस बीच शासन और प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन हो। इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए कंपनी को निर्देशित कर दिया गया है।  जमीन पर डेवलप होगी ग्रीनरी ः जीडीए अधिकारी का कहना है कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए शाक्तिखंड के डंपिंग ग्राउंड में ग्रीनरी डेवलप की जाएगी। क्यूंंकि इसी के बराबर में शक्तिखंड, अहिंसाखंड, कनावनी के हजारों लोग परिवार समेत रहते हैं। सबसे महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रॉजेक्ट कैलाश मासरोवर भवन भी बनकर तैयार हो गया है। इसमें दूर-दराज से आने वाले करीब 300 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में यात्रा करने वाले यात्रियों को गंदगी व बदबू से किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उसके लिए यहां जमीन पर विभिन्न तरह के पेड़-पौधों घास और अलग-अलग के फूलों के पौधे लगाए जाएंगे। जबकि लोगों के उठने-बैठने के लिए बेंच भी डाली जाएंगी।  ------------------------------------- सुमित कुमार
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