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प्रदूषण का बढ़ता ग्राफ सांसों और विकास पर भारी

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दिल्ली-मेरठ हाईवे पर चलता रैपिड रेल कॉरिडोर का काम - फोटो : Amar Ujala
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सबहेडः 324 पहुंचा महानगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स, पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले प्रदूषण का ग्राफ दोगुना - 15 अक्टूबर से लागू होगा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान, कड़ाई से पालन जरूरी - जीडीए ने पानी के छिड़काव और सभी बिल्डरों को निर्माण सामग्री ढकने के दिए निर्देश - दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे, लोनी और संजयनगर क्षेत्र के आसपास ज्यादा प्रदूषण माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। गाजियाबाद में बढ़ता प्रदूषण का ग्राफ लोगों की सांसों पर भारी पड़ने के साथ विकास कार्यों पर ब्रेक लगा सकता है। महानगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। पिछले साल के मुकाबले अक्टूबर माह के पहले दो सप्ताह में एक्यूआई लगभग दो गुना है। सोमवार को शहर का एक्यूआई 324 पर पहुंच गया, जो कि अक्टूबर में सर्वाधिक है। ऐसे में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 15 अक्टूबर से लागू हो रहे ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का कड़ाई से पालन जरूरी है। -------------------- दिल्ली-मेरठ हाईवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और लोनी में सर्वाधिक प्रदूषण: महानगर में रैपिड रेल कॉरिडोर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के बड़े प्रोजेक्टों पर तेज गति से काम जारी है। वहीं, जीडीए के हिंडन नया पुल, प्रधानमंत्री आवास सहित करीब आधा दर्जन प्रोजेक्टों के अलावा निजी बिल्डरों के करीब 80 छोटे-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में निर्माण वाले क्षेत्रों के आसपास प्रदूषण का लेवल ज्यादा है। सोमवार को सबसे ज्यादा 324 एक्यूआई लेवल संजयनगर और उसके आसपास, 316 एक्यूआई लोनी क्षेत्र, 281 एक्यूआई इंदिरापुरम और 258 एक्यूआई वसुंधरा और उसके आसपास के क्षेत्रों का दर्ज किया गया। जोकि न्यूनतम स्तर से दो से ढाई फ़ीसदी अधिक है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मेरठ हाईवे के साथ लोनी क्षेत्र में समान कार्यों के चलते उड़ने वाली सर्वाधिक धूल के कारण प्रदूषण का लेवल इन क्षेत्रों में सर्वाधिक है। ------------------- ग्रेप के नियमों को कड़ाई से करना होगा लागूः जीडीए नगर निगम सहित पूरी सरकारी मशीनरी को प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए ग्रेप के साथ एनजीटी के निर्देशों को कड़ाई से लागू करना होगा। इसमें धूल उड़ने से रोकने के लिए टैंकों के जरिए पानी का छिड़काव बेहद जरूरी है। वहीं मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन सड़कों की सफाई, रात में सड़कों की धुलाई, कंस्ट्रक्शन साइट पर निर्माण सामग्री को ढककर रखने, प्रतिबंधित ईंधन के प्रयोग पर रोक, बड़े जेनरेटर का मानकों के तहत संचालन, पीएनजी-सीएनजी का इस्तेमाल सहित कई अन्य नियम शामिल है। -------------- बिल्डरों को निर्माण सामग्री ढककर रखने के आदेश, जल निगम को भी लिखा पत्रः जेडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि जीडीए ने अपनी विभिन्न कॉलोनियों में टैंकरों से नियमित पानी के छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही जीडीए ने निजी बिल्डरों को निर्माण साइटों पर बालू, गिट्टी सहित अन्य सामग्री को ढक कर रखने के नियम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। जीडीए की कॉलोनियों वह निर्माण साइटों पर पानी के छिड़काव के लिए अतिरिक्त टैंकर लगाए जाएंगे। ----------------- बीते साल व वर्तमान में अक्टूबर के पहले दो सप्ताह में महानगर का एयर क्वालिटी इंडेक्सः 2019 2020 एक अक्टूबर 119 202 दो अक्टूबर 117 243 तीन अक्टूबर 163 230 चार अक्टूबर 114 253 पांच अक्टूबर 130 220 छह अक्टूबर 157 229 सात अक्टूबर 173 310 आठ अक्टूबर 131 271 नौ अक्टूबर 269 291 10 अक्टूबर 190 295 11 अक्टूबर 255 270 12 अक्टूबर 284 324 (नोटः आंकड़े नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के आधार पर हैं ) -------------------- तीन टीमें करेंगी निगरानी, पानी के छिड़काव का तैयार हो रहा रोस्टर: साहिबाबाद। प्रदूषण की रोकथाम को डीएम के निर्देश के बाद जीडीए ने कदम उठाने शुरू कर दिए। इंदिरापुरम में सीआईएसएफ समेत प्रमुख सड़कों पर रोजाना स्विपिंग मशीन ने धूल-मिट्टी की सफाई होगी। बिल्डर्स और निजी निर्माणकर्ता को निर्माण सामग्री ढकने और सुबह-शाम पानी का छिड़काव कराने को कहा है। इंदिरापुरम में प्रदूषण रोकथाम के लिए आठ-आठ लोगों की तीन टीमें बनाई गई हैं। साथ ही नियमित पानी के छिड़काव का रोस्टर तैयार किया जाएगा।जीडीए ने जल निगम को पानी छिड़काव के लिए पत्र लिखा है।जीडीए के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि इंदिरापुरम में प्रमुख सड़कों की स्विपिंग मशीन से धूल-मिट्टी से सफाई होगी। पानी का छिड़काव कराने के लिए उद्यान विभाग के सात टैंकर लगाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर टैंकर संख्या बढ़ाई जाएगी। -------------
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