बुलंदशहर। कोरोना काल में बंद चल रहे स्कूलों की फीस माफी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने शनिवार बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय में पहुंचे बीएसए को यूनियन ने अपने साथ ले लिया और पैदल लेकर कलक्ट्रेट पहुंची। जहां सिटी मजिस्ट्रेट को मांग का ज्ञापन सौंपते हुए मांग पूरी करने के लिए १४ अक्तूबर तक का समय दिया। इसके बाद ही बीएसए को छोड़ा गया।
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल में स्कूल बंद चल रहे हैं। बावजूद इसके स्कूल लगातार फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर दवाब डाल रहे हैं। यूनियन की मांग है कि स्कूलों की फीस माफ की जाए। इस मांग को लेकर संगठन तीसरी बार धरना-प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने इस मांग को पूरा करने के लिए १४ अक्तूबर तक का समय बीएसए और प्रशासन को दिया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बिट्टी गौड ने कहा कि यदि १४ अक्तूबर तक फीस माफी की मांग पूरी नहीं होती तो 15 अक्तूबर से संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। इससे पहले बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बीएसए अखंड प्रताप सिंह कार्यालय पहुंच गए थे। बीएसए को देखते ही यूनियन के पदाधिकारियों ने उनसे फीस माफी की मांग रखी। साथ ही बीएसए का माला पहनाकर स्वागत किया। बीएसए ने बताया कि यह निर्णय उनके स्तर का नहीं है तो उसके बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने कलक्टे्रट जाने का निर्णय लिया। जब किसान नेता कलक्ट्रेट जाने लगे तो बीएसए अपनी गाड़ी में बैठने लगे, लेकिन उन्हें उतार लिया और अपने साथ पैदल चलने को कहा। बीएसए उनके साथ पैदल ही कलक्ट्रेट तक पहुंचे। यहां पर संगठन ने मुख्यमंत्री और डीएम के नाम संबोधित फीस माफी की मांग का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसके बाद ही बीएसए को छोड़ा गया। इस दौरान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता, पश्चिमी उप्र उपाध्यक्ष संजय शर्मा्र पश्चिमी उप्र महामंत्री वीरेंद्र लोधी, जिला प्रभारी अंशुल ठाकुर, नगर प्रभारी आस मोहम्मद, उमर गाजी, ब्लॉक अध्यक्ष खुर्जा मुकेश शर्मा, तहसील अध्यक्ष रिंकू सिंह, जतिन शेखावत आदि शामिल रहे।