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कोरोना काल में तेजी से बढ़ रहे हैं तनाव के मामले

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कोरोना काल में तेजी से बढ़ रहे हैं तनाव के मामले - किसी को नौकरी जाने का डर तो किसी को ईएमआई की चिंता दे रहा मानसिक तनाव - लॉकडाउन समाप्त होने के बाद बढ़ी है मानसिक रोगियों की संख्या माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना काल में मानसिक रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकारी-गैर सरकारी चिकित्सकों की ओपीडी में 20 फीसद ऐसे मरीज बढ़े हैं, जिनमें से किसी को कारोबार की चिंता है तो किसी को नौकरी जाने का डर। चिकित्सकों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी के कारण लोग मानसिक रोगों की पहचान नहीं कर पाते। खुद मानसिक रोगी को उसकी बीमारी के बारे में पता नहीं होता। मानसिक रोगों के प्रति लोगों को जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए ही हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया जाता है।  मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. नीरज अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में इस तरह के मामले बढ़े हैं और लोग परामर्श के लिए अस्पताल आ रहे हैं। डा. अग्रवाल बताते हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव होना आम बात है और तनाव से ही मानसिक रोगों की शुरूआत होती है। अवसाद या डिप्रेशन, जो मानसिक रोगों की सबसे साधारण अवस्था है, तनाव के कारण ही होता है। लेकिन लोग इसे पहचानने में देर कर देते हैं। इसके अलावा लोग मानसिक बीमारी को छिपाने का भी प्रयास करते हैं। केवल बदनामी के डर से डाक्टर के पास नहीं जाते। जबकि यह गलत है। मानसिक रोग भी अन्य रोगों की तरह ही है, यह किसी को भी हो सकता है। जिला एमएमजी अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में हर सप्ताह सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को मानसिक रोगियों के लिए ओपीडी होती है। जहां एक रुपए का पर्चा बनवाकर कोई भी मानसिक प्रकोष्ठ के चिकित्सक से परामर्श ले सकता है। ----- ये हैं मानसिक रोगों के लक्षण : . व्यक्ति का अचानक उदास रहने लगना . बात कम करना . अलग-अलग रहने लगना . छोटी-छोटी बात पर गुस्सा ---- मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के साइकेट्रिस्ट कंसलटेंट डा. साकेतनाथ तिवारी बताते हैं कि रोगी को तुरंत साइकेट्रिस्ट को दिखाना चाहिए। शुरूआत में केवल काउंसिलिंग के जरिए भी मानसिक रोग ठीक हो जाते हैं। जरूरत होने पर जिला एमएमजी अस्पताल में ऐसे रोगियों को दवा भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लोग बीमारी से तो भयभीत हैं ही, काम धंधे बंद होने से भी कई लोग मानसिक रूप से परेशान हैं।  ---- आज लोनी सीएचसी में लगेगा कैंप : जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर शनिवार को लोनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर एक कैंप का आयोजन किया जाएगा। कैंप में लोगों को मानसिक रोगों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इनके लक्षणों के बारे में बताया जाएगा और मरीजों की जांच करने के बाद परामर्श और दवा भी दी जाएगी। ----
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