गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इंजेक्शन की कमी
- संतोष अस्पताल कोविड लेवल-3 ने मांगा रेमडीसिवीर इंजेक्शन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास बजट होने के बावजूद स्वीकृति न मिलने से दवाई खरीदारी में संशय बना है। कोविड एल-3 संतोष अस्पताल की ओर से बुधवार को मरीजों के उपचार के लिए रेमडीसिवीर की मांग की गई। इंजेक्शन की खरीद के लिए विभाग ने शासन से बात करने का आश्वासन दिया। बाजार में एक इंजेक्शन 40 से 45 हजार रुपये में आता है। विभाग के पास पंचायती राज विभाग का ढाई करोड़ का बजट उपलब्ध है। इसके बावजूद फाइल इस टेबल से उस टेबल तक पहुंचाने के चक्कर में खरीदारी नहीं हो रही है।
शासन के निर्देश पर जिले में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जांच को बढ़ा दिया गया है। इसके बावजूद गंभीर मरीजों के इलाज के लिए समुचति संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण से गंभीर कोरोना संक्रमित निजी अस्पताल या दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। स्थिति यह है कि प्राइवेट कोविड अस्पताल में 75 फीसदी बेड पर मरीज भर्ती हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों में 75 फीसदी बेड खाली पड़े हैं। कोविड एल-3 संतोष अस्पताल में करीब 50 से ज्यादा गंभीर कोरोना संक्रमितों का उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से मरीजों के लिए रेमडीसिवीर इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर विभाग के कई अधिकारी चिंतित हो गए। इसमें अधिकारी इस पर ज्यादा परेशान हैं कि किस बजट से इंजेक्शन मंगवाए जाएं। अधिकारियों का कहना है कि विभाग को मरीजों के उपचार के लिए अलग और पंचायती राज्य फंड से बजट मिल चुका है। इंजेक्शन उपलब्ध कराने को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने शासन में इसका प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाने की बात कही।
डाक्टरों का कहना है कि सांस और फेफड़ों से संबंधित बीमारी के मरीजों के लिए रेमडीसिवीर की आवश्यकता रहती है। जिले में दो माह पहले रेमडीसिवीर के इंजेक्शन मंगवाए गए थे, लेकिन इसके बाद इसकी आपूर्ति बाधित हो गई।
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आशुतोष यादव