दूसरे दिन भी जारी रहा कार्य का बहिष्कार
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले दिया धरना
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच मंगलवार को फिर वार्ता रखी गई। शाम को शुरू हुई वार्ता का नतीजा सात बजे तक नहीं आया था। इससे पहले समिति के बैनर तले दूसरे दिन भी विद्युत कर्मियों ने राजनगर में मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और कार्य का बहिष्कार किया।
समिति ने पूर्वांचल में निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लिए जाने की मांग की है। इस मामले में शासन ने भी हस्तक्षेप की अपील विद्युत संगठनों ने की है। कार्य बहिष्कार के दौरान उपभोक्ताओं को परेशानी न हो इसके लिए बिजली उत्पादन गृहों, 765/400 केवी के विद्युत उपकेन्द्रो एवं प्रणाली नियंत्रण में शिफ्ट में कार्य करने वाले कार्य बहिष्कार में सम्मिलित नहीं किया गया है। संयोजक अनिल चौरसिया ने बताया कि लखनऊ में समिति और प्रबंधन के मध्य वार्ता जारी है। निजीकरण से जनता को भी नुकसान होगा, इसे देखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इस मौके पर अवधेश कुमार, हिर्देश गोस्वामी, रामनारायण, अभिमन्यु, राज सिंह, शेर सिंह, ओपी तेवतिया, योगेंद्र लाखा, भुवनेश, दिलनवाज आदि मौजूद रहे।
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