बुलंदशहर। ककोड़ थानाक्षेत्र के एक गांव की निवासी नाबालिग लड़की के साथ एक ही परिवार के दो लोगों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। जबकि, पीडि़ता ने एक अन्य व्यक्ति पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया था। गर्भवती होने पर उसके परिजनों को इस बाबत जानकारी हुई थी। इस मामले में राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग की सदस्या डा. प्रीति वर्मा ने संज्ञान लिया है। शनिवार को ही जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इस संबंध में अवगत कराया गया है।
गौरतलब है कि ककोड़ थानाक्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की ने एक ही परिवार के पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें परिवार के दो सगे भाईयों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इन दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वहीं, जेल भेजे गए एक आरोपी के दोनों बेटों पर मारपीट का आरोप लगाया था। लड़की का कहना है कि वह उनके खेतों में काम करती थी। तभी वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं, अब जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग की सदस्या ने एसएसपी संतोष कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, न्यायिक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त बुलंदशहर को अपनी बैठक में बुलाने के आदेश दिए हैं। साथ ही निर्देश दिए है कि ककोड़ में जिस नाबालिग लड़की से दुष्कर्म की घटना हुई है। उससे संबंधित सभी रिपोर्ट अपने साथ लेकर आए। समीक्षा बैठक में सीएमओ से पूछा जाएगा कि उन्होंने पीडि़त बच्ची के उपचार के लिए क्या व्यवस्था की। इसके अलावा इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है। वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पीडि़त परिवार की क्या मदद की है।