बुलंदशहर। तापमान में जहां गिरावट होती जा रही हैं, वहीं, जिले में प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को देश के सबसे प्रदूषित 108 शहरों में बुलंदशहर पांचवें नंबर पर रहा। जबकि, 222 एक्यूआई होने पर गाजियाबाद और बागपत चौथे नंबर पर रहे। जिले के एक्यूआई में गिरावट नहीं हुई तो लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कोरोना संक्रमण शुरू होने के दौरान जिले का एक्यूआई जहां 50 से भी कम रहा था। वहीं, अनलॉक शुरू होते ही एक्यूआई में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। अगस्त माह में जिले का एक्यूआई 200 से भी कम रहा। वहीं, सितंबर माह में 200 के आसपास एक्यूआई मापा गया। अब अनलॉक-5 शुरू होते ही जिले के साथ देश के अन्य शहरों का भी एक्यूआई लगातार बढ़ता जा रहा है। देश के 108 शहरों में सबसे प्रदूषित पांच शहरों में बुलंदशहर पांचवें स्थान पर रहा। रविवार को भिवाड़ी का एक्यूआई सर्वाधिक 299 मापा गया, दूसरे नंबर पर सोनीपत 237, तीसरे नंबर पर आगरा 228, चौथे नंबर पर गाजियाबाद और बागपत 222 और पांचवें नंबर पर बुलंदशहर 215 एक्यूआई मापा गया।
गत सप्ताह जिले का एक्यूआई
दिन एक्यूआई
२८ सितंबर - १७५
२९ सितंबर - १८८
३० सितंबर - १७२
एक अक्तूबर - १७३
दो अक्तूबर - २२१
तीन अक्तूबर - २३०
चार अक्तूबर - २१५
दिल्ली से भी अधिक जिले का एक्यूआई
देश के सबसे प्रदूषित शहरों में जहां दिल्ली शामिल रहता था। वहीं, वर्तमान में दिल्ली में काफी सुधार देखने को मिल रहा है और जिले का एक्यूआई दिल्ली से भी अधिक मापा गया है। रविवार को बागपत-गाजियाबाद का २२२, बुलंदशहर-मेरठ का २१५, ग्रेटर नोएडा का २०४, दिल्ली का १८४ और हापुड़ का १६२ एक्यूआई रहा।
कोट
तापमान गिरने से एक्यूआई का स्तर बढ़ा है। जल्द ही जिले में एक्यूआई बढऩे के कारणों को लेकर अभियान चलाकर वायु प्रदूषण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी