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एमएसएमई के लिए कम 12 सौ करोड़ का राहत पैकेज

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एमएसएमई के लिए कम 12 सौ करोड़ का राहत पैकेज - उद्यमियों की मांग, जिले में तीन हजार करोड़ के पैकेज की जरूरत - बैंकों ने 95 फीसद लक्ष्य किया पूरा, 8637 के खातों में पहुंची राशि माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के चलते जिले की एमएसएमई को संकट से उबरने के लिए 1200 करोड़ का राहत पैकेज भी कम पड़ गया है। उद्यमियों के कहना है कि करीब 3 हजार करोड़ की सहायता की जरूरत जिले के उद्योगों को है। बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया कोलेटरल फ्री ऋण का लक्ष्य लगभग 95 फीसद तक पूरा हो गया है। एमएसएमई के लिए केंद्र सरकार ने तीन लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जिसके तहत जिले के 11270 पात्र उद्यमियों को 1252.20 करोड़ रुपए का ऋण देने की योजना थी। जिले में सभी बैंकों ने योजना के तहत 8637 पात्र उद्यमियों को ऋण दिया है। सिर्फ आईसीआईसीआई बैंक ने करीब 2500 उद्यमियों में से 8 से 10 को लोन दिया है। इस बाबत अग्रणी जिला प्रबंधक ने बैंक से लिखित में जवाब मांगा है। केंद्र सरकार की ओर से नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी बनाकर एमएसएमई इकाईयों को लोन दिया जा रहा है। कोरोना के बाद नई व्यवस्था के तहत माइक्रो इंटरप्राइजेज प्लांट मशीनरी में एक करोड़ तक इंवेस्टमेंट या पांच करोड़ रुपये तक टर्नओवर, स्माल में 10 करोड़ रुपये तक इंवेस्टमेंट या 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर व मीडियम में पांच से 10 करोड़ का इंवेस्टमेंट या 250 करोड़ रुपये का टर्नओवर लागू किया है। ----- अधिक हैं आवेदन, 11 हजार का लक्ष्य: अनलॉकडाउन में उद्योगों के शुरू होने के साथ राहत पैकेज के लिए आवेदन आने शुरू हो गए। जिले में करीब 21 हजार एमएसएमई हैं। इस लिहाज से तीन हजार करोड़ के राहत पैकेज की मांग उद्यमियों की है। ---- क्या कहते हैं अधिकारी: सभी पात्र उद्यमियों को नियमानुसार ऋण उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश सरकार की भी एक योजना पाइपलाइन में है, जिसका लाभ जल्द ही उद्योगों को मिलेगा। - एसपी यादव, अग्रणी बैंक प्रबंधक ---- क्या कहते हैं उद्यमी: एमएसएमई को मजबूत करने के लिए राहत पैकेज को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी इसका लाभ ले सकें। - साकेत अग्रवाल, वाइस चेयरमैन इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ----- बैंकों से राहत पैकेज के तहत ऋण जिले की एमएसएमई को दिया गया, के उद्यमी उससे रकेह गए हैं। ऐसे उद्योगों को ध्यान में रखकर राहत पैकेज बढ़ाया जाए। - सर्वज्ञ गर्ग, उद्यमी ---
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