बुलंदशहर। अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के चलते जनपद में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। बुधवार सुबह से ही सभी धार्मिक स्थलों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर रखे रहे। अफवाह फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर साइबर सेल भी सतर्क रहा।
सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बुधवार को विवादित ढांचा विध्वंस मामले में फैसला सुनाया गया। इसमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत 32 हिंदूवादी नेताओं को बाइज्जत बरी कर दिया गया। विशेष अदालत के फैसले को लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस पहले से ही अलर्ट मोड पर थी। बुधवार सुबह से ही धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। सिटी सर्किल में एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए रखी। नगर कोतवाली क्षेत्र में सीओ सिटी संग्राम सिंह और नगर कोतवाल अखिलेश कुमार त्रिपाठी तथा देहात कोतवाली क्षेत्र में निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा द्वारा पुलिस बल के साथ गश्त करते रहे। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस बल हाई अलर्ट पर रहा। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलने से रोकने के लिए साइबर टीम सक्रिय रही और लगातार व्हाट्सएप के कुछ चिन्हित गु्रपों, फेसबुक, ट्विटर आदि पर नजर बनाए रखी। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट रहा। पुलिस की सतर्कता के चलते कहीं से कोई भी अप्रिय सूचना नहीं मिली।