नीतियों के खिलाफ कर्मचारी यूनियन का श्रम मुख्यालय पर प्रदर्शन
- धरने के बाद मुख्यमंत्री को श्रमायुक्त के माध्यम से भेजा ज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद।
भारतीय ट्रेड यूनियन्स केंद्र और सीटू के नेतृत्व में साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट - 4 की तमाम कंपनियों के कर्मियों ने बुधवार को श्रम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए कर्मचारियों ने नीतियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कर्मचारी संगठन ने तीन बड़ी औद्योगिक ईकाइयों से कर्मचारियों को निकालने पर उनकी बहाली समेत अन्य मांगों पर मुख्यमंत्री को श्रमायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
संगठन के पदाधिकारी बीके चौहान ने बताया सरकार की नीतियों के खिलाफ यूपी श्रम कार्यालय पर प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने गुस्सा जाहिर किया। आरोप है कि साहिबाबाद की एटलस कंपनी के अचानक ले-ऑफ लेने के बाद सैंकड़ों कर्मचारी बेरोजगार हो गए। जबकि अनुपम प्रॉडक्ट ने 17 स्थाई कर्मचारियों को डयूटी पर लेने से इंंकार कर दिया। इसी तरह इंडोर प्राइवेट लिमिटेड ने कई कर्मचारियों को गेट पर ही रोक दिया है। उनका वेतन भी नहींं दिया जा रहा। संगठन ने मुख्यमंत्री का भेजे ज्ञापन में 13 सूत्रीय मांगे की हैं, जिनमें सरकारी प्रतिष्ठानों का निजीकरण बंद हो, प्रत्येक व्यक्ति को दस किग्रा अनाज, मजदूरों के खाते में छह माह तक 7500 प्रतिमाह रूपये डाले जाए, श्रम कानून में मालिकान परस्त रोका जाए, भवन निर्माण मजदूरों काे तीन माह तक एक हजार रूपये , श्रम कानून में पुलिस हस्तक्षेप को रोका जाए तथा शिकायतों का निस्तारण हाे.
इस बीच अनुराग, दिनेश, कृष्ण सिंह, जीएस तिवारी, राजवीर सिंह, कैलाश सिंह, मुन्नाराम, संतोष पांडेय मौजूद रहे।
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सुमित कुमार