एक सप्ताह में एसडीएम व तहसीलदार भू-माफिया की जमीन करें चिंहित
- एसडीएम की अनुमति पर ही होगी जमीन की पैमाइश
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। सभी एसडीएम एवं तहसीलदार अपनी-अपनी तहसीलों में भू-माफिया को चिन्हित कर सप्ताह भर में सूची उपलब्ध कराएं। भू-माफिया द्वारा जितने भी अवैध कब्जे नगर निगम, विकास प्राधिकरण की जमीन पर किए गए हैं, उन सभी का एक खाका भी तैयार किया जाए और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए जिससे करोड़ों अरबों रुपये की सरकारी संपत्ति को मुक्त कराया जा सके।
मंगलवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों के संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। उन्होंने समस्त एसडीएम को कड़े निर्देश दिए कि अब भविष्य में कोई भी लेखपाल एवं कानूनगो बिना संबंधित उप जिलाधिकारी की अनुमति के मौके पर जाकर पैमाइश नहीं करेगा। यदि लेखपाल या कानूनगो का पैमाइश का प्रकरण संज्ञान में आया तो संबंधित लेखपाल व कानूनगो के विरूद्ध कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
इस दौरान डीएम ने उप-जिलाधिकारियों को राजस्व वसूली को बढ़ाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को प्रतिदिन राजस्व वसूली की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि लेखपाल, कानूनगो एवं नायब तहसीलदार शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को अपडेट कर लें। उन्होंने कहा कि सप्ताहभर में अपने-अपने पटल के कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम सप्ताह में एक दिन लेखपालों के साथ बैठकर समीक्षा करें। जिस लेखपाल या कानूनगो एवं नायब तहसीलदार के स्तर पर जान-बूझकर कार्यों में शिथिलता बरती जा रही है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई प्रस्तावित करें ताकि संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जा सके। डीएम ने कहा कि तहसीलों को भ्रष्टाचार मुक्त कराने को एसडीएम उचित कदम उठाएं। यदि किसी भी लेखपाल, कानूनगो या अमीन के खिलाफ भ्रष्टाचार के संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने उप जिलाधिकारी मोदीनगर को निर्देशित किया कि मोदीनगर क्षेत्र अंतर्गत एक कानूनगो के विरूद्ध शिकायत प्राप्त हुई है, उस पर जांच कराकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।