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जीडीए की जगह निजी विकासकर्ताओं के भा रहे लोगों को फ्लैट

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मधुबन बापूधाम योजना - फोटो : Amar Ujala
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सबहेडः जीडीए की कई योजनाओं में खाली पड़े हैं 50 फीसदी से ज्यादा फ्लैट्स, खरीदारी को लोग नहीं आ रहे आगे - चंद्रशिला अपार्टमेंट योजना में 120 में से 74 फ्लैट पड़े हैं खाली, कोयल एन्क्लेव व मधुबन बापूधाम योजना में यही हाल - बाजार के रेट से अधिक कीमत बनी लोगों की बेरुखी का सबब माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। जीडीए की विभिन्न योजनाओं में बड़ी संख्या में भवन खाली पड़े भवनों की जगह लोग निजी विकासकर्ताओं के प्रोजेक्ट को तवज्जो दे रहे हैं। प्राधिकरण के महंगे आशियाने के कारण लोग आवासीय योजनाओं से किनारा कर रहे हैं। जीडीए की मधुबन बापूधाम, चंद्रशिला, कोयल एंक्लेव सहित विभिन्न योजनाओं में लंबे समय से आधे से ज्यादा फ्लैट खाली पड़े हुए हैं। लेकिन विभिन्न योजनाओं के निकाले जाने के बावजूद खरीदार आगे नहीं आ रहे हैं। जीडीए की मधुबन बापूधाम योजना में करीब 793 फ्लैट खाली हैं। बीते दो सालों में जीडीए पांच बार बार स्कीम निकाल चुका है, लेकिन हर बार नतीजे उम्मीद से विपरीत आए। मधुबन बापूधाम में दो बीएचके ए-टाइप के 126.78 वर्ग मीटर फ्लैट की कीमत 50.58 लाख से शुरू हैं। योजना में चार मंजिला 41.33 वर्ग मीटर एलआईजी भवन की कीमत 10.50 लाख व 30.72 वर्ग मीटर के ईडब्ल्यूएस की कीमत 5.40 लाख है। योजना में एलआईजी चार स्टोरी खाली भवनों की संख्या करीब 161, दो बीएचके ए टाइप फ्लैट 157, दो बीएचके बी-टाइप फ्लैट 140, तीन बीएचके ए-टाइप फ्लैट 91, तीन बीएचके बी-टाइप फ्लैट 100, तीन बीएचके स्टडी ए-टाइप में 46, तीन बीएचके स्टडी बी-टाइप में 15 और खाली ईडब्ल्यूएस भवनों की संख्या 100 के करीब है। जीडीए की पिछले साल तैयार हुई चंद्रशिला अपार्टमेंट योजना में करीब 74 फ्लैट खाली हैं। प्रोजेक्ट डेढ़ साल लेट होने के चलते कई लोग रिफंड ले चुके हैं। यहां एचआईजी दो बीएचके प्लस स्टडी फ्लैट की संख्या 26, दो बीएचके तीन बालकनी की संख्या 12 और दो बीएचके चार बालकनी फ्लैट की संख्या 36 है। चंद्रशिला योजना में भवनों का अनुमानित मूल्य 43 लाख से 65 लाख तक है। इसके अलावा इंदिरापुरम योजना में मिनी एमआईजी एमआईजी फ्लैट, वैशाली योजना में एमआईजी फ्लैट, कौशांबी योजना के गंगोत्री अपार्टमेंट में एक रूम के फ्लैट खाली पड़े हुए। यही हाल कोयल एन्क्लेव योजना का भी है। निजी बिल्डरों के मुकाबले अधिक कीमत होने के कारण लोक प्राधिकरण की संपत्तियों में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। --------------- कम कीमत व अच्छे ऑफर से निजी बिल्डरों की ओर झुकाव जीडीए के मधुबन बापूधाम योजना में दो बीएचके के फ्लैट की कीमत 50 लाख के पार है। वहीं राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक सहित अन्य योजनाओं में बिल्डरों के प्रोजेक्ट में लोगों को कम कीमत में अच्छे ऑफर मिल रहे हैं। कई बिल्डर का 50 लाख में फुल फर्निस्ड तीन बीएचके फ्लैट दे रहे हैं। दूसरी ओर मधुबन बापूधाम में अभी ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं होने के साथ बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होना भी लोगों के किनारा करने की प्रमुख वजह है। ----------------
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