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गंभीर कोरोना मरीजों को किया जा रहा दिल्ली रेफर

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गंभीर कोरोना मरीजों को किया जा रहा दिल्ली रेफर 350 मरीजों का दिल्ली में चल रहा है इलाज - 37 मरीजों की स्थिति गंभीर - 789 मरीजों का चल रहा है होम आइसोलेशन में उपचार माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। मौत के आंकड़े कम दिखाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया फार्मूला शुरू कर दिया है। गंभीर मरीजों को जिले के अस्पतालों में भर्ती करने के बजाए दिल्ली रेफर किया जा रहा है। इससे यह नहीं पता चल पाता है कि किस मरीज की मौत हुई है और कौन सा मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर वापस आ गया, इसके बारे में कोई डाटा अपडेट नहीं किया जा रहा है। पिछले पंद्रह दिनों में 350 मरीज दिल्ली रेफर किया जा चुुके हैं। इसमें कितने दिवंगत हो गए और कितने मरीजों का इलाज चल रहा है, इसके बारे में कोई आंकड़ा नहीं है। हालांकि इस मामले में कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है, क्यों दिल्ली रेफर किए जा रहे हैं, एक अधिकारी ने इतना स्वीकार किया कि बहुत दबाव है कि जिले में मरीजों की मौत न होने पाए। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा तमाम दावे किए जा रहे हैं कि जिले में कोविड मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था है। वर्तमान में 350 गंभीर मरीजों का इलाज दिल्ली में चल रहा है। 755 प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इनमें से 37 मरीजों की स्थिति गंभीर बनी है। छह मरीज अलग-अलग अस्पतालों में आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि 31 वेंटीलेटर पर भर्ती हैं। जिले में एल1 स्तर के दो अस्पतालों में सात सौ बेड की सुविधा है उनमें सिर्फ 65 मरीज भर्ती हैं। प्राइवेट और सरकारी एल 2 में 609 मरीज भर्ती हैं, हालांकि बेड की व्यवस्था 931 है। अगस्त महीने में शासन से अाए अधिकारियों ने निर्देश दिया था कि मरीजों के इलाज की व्यवस्था यहीं पर की जाए, जिससे अनावश्यक रूप से किसी भी मरीज को हायर सेंटर या दिल्ली रेफर न करना पड़े। इसके बावजूद इस समय 350 मरीजों का इलाज दिल्ली में चल रहा है, जो स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और शासन के निर्देश पर भी सवालिया निशान खड़ा होता है। अगर जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की व्यवस्था है तो यह दिल्ली रेफर क्यों किए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि संयुक्त अस्पताल से रेफर किए जाने वाले गंभीर मरीजों को संतोष अस्पताल में भर्ती करने के बजाए उन्हें सीधे दिल्ली भेजा जा रहा है। इस मामले में कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। ---------- आशुतोष यादव
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