बुलंदशहर। सदर सीट पर होने वाला उपचुनाव अब काफी दिलचस्प होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रभारी शमसुद्दीन राइन ने सदर सीट से प्रत्याशी/विधानसभा प्रभारी की शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की है। बसपा से पूर्व सदर विधायक हाजी अलीम के भाई और सदर ब्लॉक प्रमुख हाजी युनूस को विधानसभा प्रभारी बनाया गया है।
शिकारपुर बाईपास स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रभारी शमसुद्दीन राइन ने बताया कि वह बसपा सुप्रीमो मायावती के डाकिए के तौर पर जनपद में आए हैं। बसपा प्रमुख के निर्देश पर हाजी यूनूस को सदर विधानसभा का प्रभारी बनाया गया है। आने वाले उपचुनाव में वह सदर सीट से बसपा की ओर से प्रत्याशी रहेंगे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश में किसान, मजदूर, बेरोजगार युवक परेशान हैं। प्रधानमंत्री ने देश की जनता से २०१९ के चुनाव जो में वायदा किया था, उस पर खरे नहीं उतरे हैं। आज हालत यह है कि किसान और बेरोजगार युवा आत्महत्या को मजबूर है। इस दौरान मुख्य सेक्टर प्रभारी प्रदीप जाटव, सत्यपाल पिपाला, कमल राजन, सोहनवीर जाटव ने भी सभा को संंबेधित करते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था पर निशाना साधा। वहीं, हाजी युनूस ने बताया कि जो हालत प्रदेश कि इस समय है, उसका जवाब जनता उपचुनाव में मौजूदा सरकार को देगी। २०२२ के आम चुनाव में भारी बहुमत से बसपा जीत हासिल कर मायावती को मुख्यमंत्री बनाएगी और प्रदेश में कानून राज कायम कर भयमुक्त समाज की स्थापना की जाएगी। गौरतलब है कि सदर सीट से बसपा के टिकट से ही हाजी यूनूस के बड़े भाई मरहूम हाजी अलीम दो बार लगातार विधायक रह चुके हैं। इस सीट पर बसपा ने अलीम के भाई पर ही दांव खेला है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सतीश सागर, नितिन जाटव, सतबीर, हाजी इमरान, रामेश्वर लोधी, ज्ञानेंद्र राघव, कमल सिंह राज और गजराज मौैजूद रहे।