बुलंदशहर। जनपद में गत दिनों उजागर हुए यूरिया घोटाले में शामिल अब कृभको और इफको के दो केंद्र प्रभारियों पर भी कार्रवाई कंपनियों ने की है। संबंधित कंपनी ने दोनों को यहां से हटाकर अन्य स्थान पर तबादला कर दिया है। इससे पहले इसमें शामिल सहकारी समितियों के सचिवों पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
केंद्र सरकार से 20 किसानों को जनपद में 8709 यूरिया के कट्टे बेचने संबंधित पत्र जारी किया गया था। जब इसकी जांच की गई तो इसमें नौ समितियों के अलावा दो प्राइवेट उर्वरक की दुकानों के अलावा कृभको और ईफको द्वारा संचालित दुकानों की मिलीभगत सामने आई थी। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि जिन किसानों के सूची में नाम दर्ज हैं। वह किसान नहीं, बल्कि समितियों के चौकीदार, पल्लेदार और चपरासी शामिल थे। उनके नाम जमीन भी नहीं थी। एक अलीगढ़ निवासी किसान को भी यूरिया बेचने का मामला सामने आया था। इस पर दो उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई थी। एआर को-ऑपरेटिव की ओर से भी नौ समितियों के सचिव को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, अब इस मामले में इफको किसान सेवा केंद्र जहांगीराबाद और कृषक भारती सेवा केंद्र जहांगीराबाद के केंद्र प्रभारियों को हटाकर उनका तबादला अन्य स्थान पर कर दिया गया है। यह कार्रवाई दोनों केंंद्रों से संबंधित कंपनियों की ओर से की गई है। इस संबंध में कंपनियों का पत्र भी जिला कृषि अधिकारी को मिल गया है। उक्त मामले में लगभग सभी कार्रवाई हो चुकी हैं। इस प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई के संबंध में भी शासन को भी जल्द अवगत करवा दिया जाएगा।