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निजीकरण के विरोध में तेज होगा आंदोलन, पांच अक्टूबर से बिजली ठप करने की घोषणा

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मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : Amar Ujala
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निजीकरण के विरोध में तेज होगा आंदोलन - विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने की घोषणा - मुख्य अभियंता कार्यालय पर किया प्रदर्शन माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। निजीकरण के विरोध में विद्युत निगम के अधिकडी और कर्मचारी संगठन आंदोलन को तेज करेंगे। सभी संगठनों ने पांच अक्टूबर से बिजली आपूर्ति ही ठप करने की घोषणा की है। शनिवार को भी मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन कर निजीकरण का विरोध किया गया। प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली है। निजीकरण को लेकर प्रदेश सरकार ने कार्यवाही भी शुरू कर दी है। निजीकरण के विरोध में विद्युत निगम के अभियंता संघ, जेई संघ, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन और संविदा यूनियन ने विरोध सुरु कर दिया है। सभी संगठनों की सामूहिक संघर्ष समिति ने एलान कर दिया है कि पांच अक्टूबर से प्रदेश भर में बिजली आपूर्ति ठप की जाएगी। दफ्तरों और बिजलीघरों को खाली कर दिया जाएगा। 28 सितंबर से आंदोलन का अंतिम चरण शुरू कर दिया जाएगा। 28 सितंबर को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। 29 सितंबर को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया जायेगा। 29 सितंबर से पांच अक्टूबर तक तीन घंटे कार्य का बहिष्कार होगा। इसके बाद पांच अक्टूबर से सामूहिक हड़ताल कर दी जाएगी। अभियंता संघ के सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि बिजली का निजीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेई संघ के भुवनेश तिवारी ने मशाल जुलूस के अलावा कार्य का बहिष्कार भी होगा। इस मौके पर अवधेश कुमार, अनिल चौरसिया, हिर्देश गोस्वामी, आलोक त्रिपाठी, उमाकांत शर्मा, रजनीश, दीपक गुप्ता, सौरभ राय, अरशद अली, भुवनेश तिवारी, रामनारायण, केके सोलंकी, योगेंद्र लाखा, दिलनवाज, पंकज भारद्वाज, गौरव, शेर सिंह, धीरज सिंह आदि मौजूद रहे।
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