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जागरूकता कमी, नहीं मिल रहा ई-संजीवनी एप का कोई फायदा

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जागरूकता कमी, नहीं मिल रहा ई-संजीवनी एप का कोई फायदा - आनलाइन सुविधा लेने के बजाए अस्पतालों के काट रहे चक्कर - 45 लाख की आबादी में सिर्फ 29 लोग ले रहे एप का लाभ माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। जागरूकता की कमी कही जाए या स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता। शासन द्वारा जारी किए गए ई-संजीवनी का एप का सिर्फ 29 लोग ही लाभ ले रहे हैं, जबकि जिले की मौजूदा आबादी 45 लाख है। एप के माध्यम से कोई भी बीमारी के बारे में आनलाइन डाक्टर से सलाह ले सकता है। इस समय जिले में प्रतिदिन ढाई सौ से तीन सौ कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है। कोई कार्रवाई न होने से लगातार जिले में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक जिले में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 12 हजार पार हो चुका है। लोगों को भीड़भाड़ से बचने एवं अस्पतालों के चक्कर काटने से बचाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ई-संजीवनी एप शुरू किया गया। इसका मकसद है कि घर बैठे ही मरीज बीमारी के बारे में आनलाइन डाक्टर से बात करके इलाज कराएं, जिससे वह संक्रमण से बच सकें। इस समय कोरोना के अलावा अन्य संक्रामक बीमारियां होने का भी खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे संक्रमण का भी खतरा बढ़ गया है । होम आइसोलेशन में रह रहे लोग भी इस एप का सहारा ले सकते हैं। इस सुविधा को सरकार 'स्टे होम ओपीडी' का नाम दिया है। इमसें प्रदेश के विभिन्न विशेषज्ञ और चिकित्सकों का जोड़ा गया है। जिले की महिला चिकित्सक भी इसमें सेवा दे रही हैं। इसमें मरीज ओपीडी में भी निशुल्क परामार्श ले सकता है और घर बैठे ही बेहतर दवाओं की जानकारी ले सकता है, लेकिन लोग एप के प्रति कम जागरूक दिख रहे हैं। पिछले डेढ़ माह पहले शुरू किए गए एप का काफी कम लोग इस्तेमाल कर रहे है। एमएमजी अस्पताल में जहां एक दिन में डेढ़ से दो हजार मरीजों की ओपीडी हो रही है। वहीं ई-संजीवनी एप पर प्रतिदिन 25 से 30 मरीज ओपीडी ले रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके प्रति लोगों को जागरूक कराना चाहिए। ऑनलाइन ओपीडी का समय ई संजीवनी ओपीडी एप पूरे देश में काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश में ई संजीवनी ओपीडी एप पर जनरल ओपीडी सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन  सुबह नौ से शाम चार बजे तक है। बाल रोग विशेषज्ञ, पल्मोनरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी के लिए सोमवार से शनिवार तक दोपहर दो से शाम चार बजे तक का समय निर्धारित है। ------- सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। एप के माध्यम से मरीज घर बैठे इलाज का लाभ ले सकते हैं। इससे जिले में संक्रमण फैलने का भी खतरा कम रहेगा। डॉ.एनके गुप्ता, सीएमओ ----------- आशुतोष यादव
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