बुलंदशहर/खानपुर। कोरोना संक्रमण के साथ-साथ जिले में बुखार से मौत का सिलसिला लगातार जारी हैं। जिले में अब तक दस से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ हैं। खानपुर क्षेत्र में सरकारी चिकित्सालय में चिकित्सकों के न मिलने पर एक किशोर की समय से उपचार न मिलने की वजह से मौत हो गई। वहीं, लगातार मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग मौन है।
खानपुर नगर क्षेत्र के पटवारियान वार्ड निवासी हामिद का पुत्र अयान गत सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। परिजनों का आरोप है कि अयान को बुखार होने पर नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गए, जहां कोई भी चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मी नहीं मिला, इसके बाद राजकीय यूनानी चिकित्सालय में भी स्टाफ नदारद मिलने पर स्थानीय अपंजीकृत चिकित्सक से इलाज कराना पड़ा। तीन दिन पूर्व स्वास्थ्य बिगड़ने पर बुलंदशहर में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों द्वारा मलेरिया, टाइफाइड बताकर उपचार करना शुरू कर दिया। रविवार को उपचार के दौरान अयान ने दम तोड़ दिया। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि अगर लोगों को समय से उपचार मिलने लगे तो लोगों को दूर-दराज के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेगे और अपंजीकृत चिकित्सकों से भी राहत मिल जाएगी। वहीं, क्षेत्र के अन्य लोगों के भी बुखार से पीड़ित होने पर स्वास्थ्य कैंप लगवाकर सुविधाएं दिलवाने की मांग की है।
क्षेत्र में तीसरी मौत, नहीं हो रहा समाधान
खानपुर क्षेत्र में बुखार से दो माह में तीन मौत हो चुकी है। नगर क्षेत्र के शिवाला वार्ड में तीन दिन पूर्व बुखार से एक महिला की मृत्यु हो गई थी। जानकारी के अनुसार शिवाला वार्ड निवासी शाहिस्ता तीन दिन पूर्व अपने पीहर से आई थी। आने के बाद से ही उसका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने पर अपंजीकृत को दिखाया, जिसने बुखार की बात कही।
लोगों में छाने लगी दहशत
एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों से लोग चितिंत नजर आने लगे हैं। वही, अब बुखार ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं। अधिकांश क्षेत्र में लोग बुखार से पीड़ित होने पर अंपजीकृत चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए शासन गंभीर है लेकिन जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल चल रही है। सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों के न मिलने पर कम पैसे में उपचार कराने के चक्कर में गरीब तबके के लोग अपंजीकृत चिकित्सकों के चक्कर में फंस जाते है। ऊंचागांव सीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि किशोर की मौत का मामला संज्ञान में है। बुखार के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
कोट
बुखार से मौत मामले की जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर संबंधित क्षेत्र में कैंप लगाया जाएगा। लोगों से अपील है अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार न कराएं। कुछ भी होने पर पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श लेकर ही उपचार कराए। - डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ