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साइबर हब को मिलेगा बड़ा भूखंड, जमीन की तलाश शुरू

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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय - फोटो : Amar Ujala
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सबहेडः महायोजना-2031 में साइबर हब के लिए बड़ा भूखंड चिन्हित करने पर मंथन - महायोजना में डासना के पास प्रस्तावित है वेयर हाउस और लॉजिस्टिक हब - जमीन की कमी के चलते कौशांबी में साइबर हब का प्रस्ताव हो गया था कैंसिल माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। साइबर हब के लिए बड़े भूखंड की तलाश शुरू हो गई है। कौशांबी योजना में साइबर हब के लिए निर्धारित भूखंड का क्षेत्रफल मानकों के अनुरूप न होने के कारण पुराने प्रस्ताव को जीडीए बोर्ड बैठक में कैंसिल कर दिया गया था। जीडीए की ओर से महायोजना-2031 के जारी कार्य में साइबर हब के लिए बड़ा भूखंड चिन्हित करने पर काम शुरू किया गया है। साइबर हब के लिए किस योजना में भूखंड निर्धारित किया जाएगा, इसका जीडीए के आला अधिकारियों के बीच मंथन जारी है। बता दें कि जीडीए ने पहले दिल्ली से सटे कौशांबी क्षेत्र में साइबर हब के नाम से फूड स्ट्रीट व बैंक्वेट हॉल विकसित करने की योजना का प्रस्ताव तैयार किया था। साइबरहब के भूखंड पर नीचे बैंक्वेट हॉल और ऊपर देश-विदेश की जानी मानी फूड व रेस्टोरेंट चेन को लाने की योजना थी। कौशांबी में रेडिसन होटल के पीछे 10 हजार वर्ग मीटर जमीन पर फूड स्ट्रीट व बैंक्वेट हॉल हब को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की योजना थी। लेकिन साइबर हब के मानकों के अनुसार भूखंड का क्षेत्रफल कम होने और उसकी कनेक्टिविटी 18 मीटर रोड पर होने की समस्या पेश आ रही थी। किसके बराबर में ही शैक्षणिक भूखंड होने के चलते जाम की समस्या खड़ी होने का डर भी था। जीडीए ने साइबर हब के विकास के लिए कई बार सलाहकार नियुक्त किए, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इसके बाद जीडीए ने कौशांबी में साइबर हब को कैंसिल करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा, जिसे मंजूरी मिल गई। बोर्ड बैठक में जीडीए ने साफ किया है कि महायोजना 2031 के जारी काम में साइबर हब के लिए जरूरत के अनुसार बड़े भूखंड को चिन्हित करने की बात कही गई। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि साइबर हब का विकास किस योजनाओं में किया जाए, इस पर मंथन जारी है। ---------------
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