माई सिटी रिपोर्टर
गाज़ियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने आर्य महिला संगोष्ठी का आयोजन ऑनलाइन किया गया। बुधवार को आयोजित इस मीटिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने नारी को पुरुष के समान अधिकार दिलवाया। स्त्री जाति के लिए उन्होंने शिक्षा के द्वार खोल दिए। आर्य समाज ने बाल विवाह,सती प्रथा जैसी कुरीतियां बंद करवाई।विधवाओं को पुनर्विवाह का अधिकार प्रदान कर आर्य समाज ने नारी सशक्तिकरण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। आर्य नेत्री अर्चना पुष्करणा ने कहा कि स्वामी दयानन्द ने कहा था कि जब तक नारी शिक्षित नहीं होगी तब तक जागरुकता नहीं आ सकती है। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि वर्तमान समय में नारी को समाज के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाना होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आचार्य महेन्द्र भाई, आनन्द प्रकाश आर्य(हापुड़), डॉ सुषमा आर्या,आनन्द स्वरूप चावला(फरीदाबाद),वीना वोहरा, रचना आहूजा,विजया रानी शर्मा, राजेश मेहंदीरत्ता आदि उपस्थित थे।