बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों से गायब होने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। ऐसे ही तीन अनुपस्थित शिक्षकों को बीएसए ने रिपोर्ट मिलने पर निलंबित कर दिया है। बीएसए की ओर से यह कार्रवाई गत दिनों विभागीय अफसरों द्वारा स्कूल का निरीक्षण करने के बाद की गई है।
इस समय कोरोना काल के चलते परिषदीय स्कूलों में कक्षाएं नहीं चल रही हैं और बच्चे भी स्कूल नहीं आ रहे हैं। बच्चों के प्रवेश दिलवाने और सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाने आदि कार्यों के चलते स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। स्कूल में पहुंचकर शिक्षकों को बच्चों को ऑनलाइन या फिर एप आदि से भी पढ़ाई करवाने और उन्हें प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, दूसरी ओर ऑनलाइन पढ़ाई का बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा है तो अधिकतर स्कूलों में शिक्षक भी नहीं पहुंच रहे हैं। स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए गति दिनों बीएसए ने अफसरों को जांच के आदेश दिए थे। स्कूलों की जांच शुरू होते ही स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों की पोल खुलने लगी है। स्कूल से गायब रहने वाले अधिकतर शिक्षक अवकाश के लिए कोई सूचना नहीं देते हैं। गत दिनों विभागीय अफसरों द्वारा स्कूलों का निरीक्षण करने पर तीन शिक्षक अनुपस्थित पाए गए थे। इनकी रिपोर्ट मिलने पर बीएसए ने तत्काल प्रभाव से इन तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इन शिक्षकों में गांव नगला गोविंदपुर स्थित परिषदीय स्कूल की शिक्षिका मधुबाला, गांव दरियापुर स्थित स्कूल की प्रधान अध्यापिका सुमन और गांव कुदैना जयरामपुर स्थित स्कूल के सहायक अध्यापक हरविंद्र सिंह शामिल हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों का निरीक्षण रहेगा। किसी भी अनुपस्थित शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। सभी शिक्षकों को नियमित स्कूल जाना होगा और बिना सूचा दिए स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।