बुलंदशहर। जिले में इन दिनों कुत्ते बेकाबू हो चुके है, आए दिन वो मासूमों से लेकर बड़ों तक को अपना शिकार बना रहे हैं। खानपुर क्षेत्र में कुत्ते के काटने से पांच वर्षीय मासूम की उपचार के लिए ले जाते समय मौत हो गई। वहीं, मौत का कारण मासूम को समय से एंटी रैबीज वैक्सीन न लगने का बताया जा रहा है। समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगी होती तो शायद मासूम आज जिंदा होती। वहीं, दूसरी ओर जिले के अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी चल रही हैं।
खानुपर क्षेत्र के गांव ढकरौली निवासी पवन कुमार की पांच वर्षीय बेटी संध्या दो वर्ष पूर्व घर के बाहर खेल रहा थी। खेलते समय एक कुत्ते ने अचानक मासूम पर हमला कर दिया और उसके शरीर पर गहरे घाव कर दिए। ग्रामीणों के अनुसार परिजनों ने एआरवी न मिलने पर मासूम का घरेलू उपचार कराया था। साथ ही एआरवी भी लगवाई थी। दो वर्ष बाद सोमवार को मासूम की हालत अचानक बिगड़ गई। जिससे गांव के चिकित्सकों को दिखाया गया। मंगलवार को बुलंदशहर में बुखार संबंधी खून की जांच कराने के बाद परिजन मासूम को उपचार के लिए दिल्ली लेकर जा रहे थे, लेकिन मासूम ने दिल्ली जाते समय नोएडा के निकट रास्ते में दम तोड़ दिया। जिससे परिजनों में शोक की लहर छा गई।