पांच महीने से पत्नी की अटेंडेंस लगा रहे थे डाक्टर पति
- डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोविड अस्पताल संजय नगर में एक डाक्टर पति अपनी पत्नी की पिछले पांच महीने से अटेंडेस लगा रहे थे, जबकि डाक्टर पत्नी घर पर बैठकर आराम कर रही थीं। इस मामले में जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी है। अब महिला डाक्टर को जिला एमएमजी अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। अस्पताल में पांच डाक्टर कोविड ड्यूटी से दूरी बनाए हुए थीं और घर पर बैठकर वेतन ले रही थीं। अब सभी डाक्टरों को एमएमजी असपताल से संबद्ध कर दिया गया है।
संयुक्त अस्पताल में डाक्टर दंपती पिछले कई साल से कार्यरत हैं। अस्पताल को कोविड लेवल-2 बना दिया गया तो पत्नी ने मरीजों का इलाज करने से इंकार करते हुए घर बैठ गईं। आरोप है कि उनकी ड्यूटी और हाजिरी डाक्टर पति करने लगे। डाक्टर पर भी आरोप है कि उन्होंने कभी भी सैंपल लेने में स्टाफ का सहयोग नहीं किया। अस्पताल के किसी स्टाफ ने जिलाधिकारी से शिकायत किया तो उन्होंने मामले की जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट शिव प्रताप शुक्ला को नामित किया। जांच के दौरान पिछले पांच महीने की अटेंडेंस नगर मजिस्ट्रेट ने अपने कब्जे में लेते हुए सील कर दिया। इसी दौरान उनका तबादला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी पद पर हो गया। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने वर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट से तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। कार्रवाई की प्रतिलिपि सीएमओ एवं अस्पताल के सीएमएस को भी भेजी है।
इस मामले में सीएमएस डा. संजय तेवतिया का कहना है कि जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट रजिस्टर सील करके अपने साथ ले गए थे। इसके बाद की प्रगति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरा प्रकरण उनके कार्यकाल से पहले का है। वहीं सीएमओ डा. एनके गुप्ता का कहना है कि अभी उनके पास पत्र नहीं पहुंचा है।
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आशुतोष यादव