एनसीआरटीसी ने एचटी लाइन शिफ्टिंग का काम किया पूरा
- फोटो : Amar Ujala
सबहेडः एचटी लाइन शिफ्टिंग से मुरादनगर से मेरठ के बीच काम पकड़ेगा रफ्तार, कोविड-19 के निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए लाइनें हुई शिफ्ट
- विभिन्न साइट पर मजदूरों की थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन व सामाजिक दूरी बनाकर पूरा किया गया काम
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। रैपिड रेल कॉरिडोर में हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग की एक के बाद एक बड़ी बाधाएं दूर होती जा रही हैं। एनसीआरटीसी की ओर से अब तक पावर ग्रिड की 25 हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट करने का काम पूरा कर लिया गया है। एनसीआरटीसी की टीम ने कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अन्य निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए प्रक्रिया को अंजाम दिया है। ऐसे में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किलोमीटर लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर का काम और रफ्तार पकड़ेगा।
सभी हाईटेंशन लाइन एनसीआरटीसी के काम में रूकावट बन रही थीं। मुरादनगर में असालत नगर के पास पावर ग्रिड की डबल सर्किट 400 केवी इलेक्ट्रिक हाईटेंशन लाइन के बाद एक और 220 केवी की एचटी लाइन को शिफ्ट किया है।साइट पर कर्मचारियों और मजदूरों की थर्मल स्कैनिंग व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लाइनों को शिफ्ट किया जा रहा है।
एनसीआरटीसी साहिबाबाद रैपिड रेल स्टेशन के पास उत्तर मध्य रेलवे की 132 केवी डबल सर्किट की अहम इलेक्ट्रिक हाईटेंशन लाइन को शिफ्टिंग और संशोधन का काम पूरा कर चुका है। रैपिड रेल के प्राथमिकता वाले खंड में अब तक कुल 6 में से 5 बड़ी ईएचटी लाइनों को शिफ्ट किया जा चुका है। इसके अलावा 25 इलेक्ट्रिक हाईटेंशन लाइनों के संशोधन का काम भी पूरा हो चुका है। एचटी लाइन की शिफ्टिंग के संवेदनशील काम को कुशलता से अंजाम दिया जा रहा है। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि एनसीआरटीसी की टीम ने बेहद सटीक और योजनाबद्ध तरीके से इस शिफ्टिंग के काम को अंजाम दिया। कार्यस्थल पर अधिकारियों और मजदूरों की थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया।
-----------