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हिंडन रिवर फ्रंट और टॉय ट्रेन का करना होगा इंतजार

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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय - फोटो : Amar Ujala
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हिंडन रिवर फ्रंट और टॉय ट्रेन का करना होगा इंतजार सबहेडः जीडीए ने स्थिति सामान्य होने तक दोनों प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाला, नए साल में प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने की होगी कवायद - हिंडन रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का सिंचाई विभाग कर चुका है सर्वे - प्रदेश सरकार व रेलवे मंत्रालय की टीम सिटी फॉरेस्ट में टॉय ट्रेन के रूट को कर चुकी है फाइनल माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। महानगर को पहचान देने के उद्देश्य से लाए गए टॉय ट्रेन और हिंडन रिवर फ्रंट के लिए शहरवासियों को लंबा इंतजार करना होगा। एक ओर कोरोना के चलते बदली परिस्थितियों के कारण शासन ने सिटी फॉरेस्ट में टॉय ट्रेन प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से बाहर रखने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर जीडीए ने हिंडन रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को स्थितियां सामान्य होने तक ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जीडीए अधिकारियों की माने तो दोनों प्रोजेक्टों को नए साल में फिर से पटरी पर लाने की कवायद की जाएगी। शासन की योजना गाजियाबाद सहित सहित लखनऊ, आगरा और कानपुर में टॉय ट्रेन चलाने की है। टॉय ट्रेन को लगाने और एक साल तक संचालन का जिम्मा रेलवे की संस्था सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर मॉर्डनाइजेशन ऑफ वर्कशॉप (कॉफमोव) को दिया जाना है। संस्था ने सर्वे कर सिटी फॉरेस्ट में टॉय ट्रेन के रूट का निर्धारण भी कर दिया था। सिटी फॉरेस्ट में 1.60 किमी क्षेत्र में टॉय ट्रेन का संचालन प्रस्तावित है। टॉय ट्रेन से 125 एकड़ में फैले सिटी फॉरेस्ट और हिंडन नदी का दीदार किया जा सकेगा। रेलवे की संस्था कॉफमोव ने सिटी फॉरेस्ट के किन-किन पॉकेट से होकर टॉय ट्रेन का संचालन होगा, उसके रूट को निर्धारित कर दिया है। टॉय ट्रेन प्रदेश के गाजियाबाद सहित लखनऊ, आगरा और कानपुर में चलेगी। रेलवे की संस्था कॉफमोव ने प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर शासन को सौंप दी थी। कॉफमोव की टीम पहले ही लखनऊ के जनेश्वर पार्क में रूट का निर्धारण कर चुकी है। मार्च माह के आखिर में मुख्यमंत्री कार्यालय से आखिरी मुहर लगने के बाद संशोधित डीपीआर को मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय भेजा जाना था। लेकिन कोरोना के बाद बदली परिस्थितियों के कारण प्रोजेक्ट को फिलहाल प्राथमिकता से बाहर रखा गया है। ------------------ हिंडन रिवर फ्रंट की डीपीआर पर चल रहा था काम लखनऊ गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित होने वाले हिंडन रिवर फ्रंट के निर्माण का जल्द खाका खींचा गया था। जीडीए की मांग पर सिंचाई विभाग ने रिवर फ्रंट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर काम शुरू कर दिया था। डीपीआर के साथ सिंचाई विभाग की ओर से रिवर फ्रंट की साइट पर मिट्टी की जांच आईआईटी रुड़की से कराई जा रही थी। लेकिन कोरोना के बाद बदली परिस्थितियों के कारण जीडीए को प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डालने का फैसला करना पड़ा है। प्राधिकरण की योजना हिंडन नदी और सिटी फॉरेस्ट किनारे रिवर फ्रंट तैयार करने की है। करहेड़ा से कनावनी पर हिंडन के पुराने रेलवे पुल तक हिंडन रिवर फ्रंट के विकास की योजना है। हिंडन रिवर फ्रंट परियोजना के विकास पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ----------
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