माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। बीते पांच महीने से धीमी गति से चल रहे कुपोषण अभियान को अब 7 सितंबर से रफ्तार मिलेगी। अब जबकि लॉकडाउन भी अनलॉक हो चुका है तो ऐसे में अब कुपोषित बच्चों के सेहत के लिए भी अभियान की रूपरेखा बनाई गई है। बीते पांच महीने से कुपोषित बच्चों को पोषाहार तो बांटा जा रहा था लेकिन जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पा रहा था । पोषण सप्ताह के तहत बच्चों के वजन करने और स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा गाय पालने वाले लाभार्थियों का भी चयन किया जा रहा है।
कुपोषित बच्चे दूध पीकर हष्टपुष्ट हो सके। इसके लिए योगी सरकार ने ऐसे परिवार को गाय देने की पहल की है। हालांकि जिले में गाय रखने की समस्या के कारण अधिकांश चिहिन्त परिजन गाय पालने में समर्थ नहीं हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय ने बताया है कि चार ब्लॉक में शुरुआती दौर में लाभार्थी चिन्हित किये जा रहे हैं। जिनके पास जमीन हो उनको गाय पालन के लिए दी जाएगी। इतना ही नहीं गाय के रखरखाव और खाने के लिए भी 900 रूपये महीना दिया जाएगा। गाय उन्हीं लाथार्थियों को मिलेगी जिनके पास गाय रखने की जगह होगी।
एक सप्ताह देरी से शुरू हो रहा अभियान :—
अभियान को युद्धस्तर पर तेजी से चलाने के लिए सीएम योगी ने खुद इसकी समीक्षा कर सभी जिलाधिकारियों को इसको गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद जिले में अभियान के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है। कुपोषित बच्चों के लिए यह अभियान हालांकि एक सप्ताह पहले ही चलाया जाना था लेकिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के देहांत के कारण देश में सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित होने पर अभियान की तिथि आगे बढाकर 7 सितंबर कर दी गई।
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ये है जिले में कुपोषित बच्चों की स्थिति :—
जिले में इस समय कुपोषित बच्चों की संख्या 5806 है। जबकि अति कुपोषित बच्चों की संख्या 807 है। जिले के चार ब्लाकों में सर्वाधित कुपोषित बच्चे लोनी में हैं। जिसमें 2875 कुपोषित और 128 अतिकुपोषित हैं। सबसे कम मुरादनगर में हैं जिसमें 321 कुपोषित और 33 अतिकुपोषित हैं।
क़ोट्स
पोषण अभियान की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जो लाभार्थी गाय पाल सकते हैं ऐसे लाभर्थियों को चिन्हित किया जा रहा है। ऑनलाइन पोषण पंचायत भी कराई जाएगी।
शशि वार्ष्णेय , जिला कार्यक्रम अधिकारी