माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। शहर में लगातार ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं । कविनगर और विजय नगर थाना दो लोगों के खाते से 1.15 लाख रुपए ठगी का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है । उन्होंने बताया कि मैसेज आने के बाद घटना की जानकारी हुई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विजयनगर थाना क्षेत्र निवासी रमेश चक्रवर्ती ने बताया कि वह क्रासिंग रिपब्लिक पैरामाउंट सिंफनी सोसाइटी में रहते है। उसके साथ 89,912 रुपये की ठगी हुई है। उन्होंने बताया कि यह धनराशि उनके दो हाथों से निकाली गई है मैसेज आने के बाद उन्हें घटना के बारे में पता चला। बताया कि केनरा बैंक के बचत खाते से 65,700 रुपये और आईसीआईसीआई बैंक के खाते से 24,212 रुपये ठगी करके निकाल लिए हैं। घटना के बाद उन्होंने बैंक में संपर्क किया, लेकिन बैंक प्रबंधन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर अपनी रकम वापस दिलाने का अग्रह किया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
उधर, दीपा गुप्ता ने थाने में दी तहरीर में बताया है वह कविनगर में रहती है और कविनगर के पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में उनका खाता है। 28 अगस्त को अपने घर पर थीं। साथ ही उनके बैंक का एटीएम भी अपने पास था। जब उन्होंने शाम को फोन चेक किया तो उसमें 5.21 बजे तीन मैसेज आए। जिनमें दो बार दस दस हजार और एक बार पांच हजार रुपये निकालने की जानकारी मिली। उसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपना एटीएम कार्ड ब्लाक करा दिया। उन्होंने कहा कि उनका एटीएम उनके पास है और उसके पासवर्ड के बारे में भी किसी को कोई जानकारी नहीं है फिर भी उनके अकाउंट से 25 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। उन्होंने कभी नगर थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और पैसे दिलाने की मांग की है। कवि नगर और विजय नगर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों को जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा यह जानकारी की जा रही है कि पैसे कहां से निकाले गए हैं और किस तरीके से निकाले गए हैं।
- नहीं रुक रही ठगी की घटनाएं
जिले में लगातार ऑनलाइन ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं । एटीएम से लेकर अन्य कागजात लोगों के घर या उनके पास होते हैं । उसके बावजूद भी ठग घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं । लोगों का कहना है कि यह घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं । पुलिस इसमें कोई कार्यवाही नहीं कर रही है, जिससे लोगों को राहत मिल सके। लोगों ने यह भी मांग की है कि बैंक कर्मचारियों की भी जांच कराई जाए, कहीं वह तो इस खेल में शामिल नहीं है । लोगों का आरोप है कि किसी भी व्यक्ति की गोपनीय जानकारी अन्य व्यक्ति को कैसे मिल सकती है। उनके पास कोई न कोई ऐसा आधार होगा जिससे ठग आसानी से लोगों के साथ ठगी कर लेते हैं।
- ऐसे रहे सावधान
समय-समय पर एटीएम का पासवर्ड बदलते रहे
किसी भी व्यक्ति के सामने एटीएम से पैसे निकालते समय पिन कोड न डालें
एटीएम से पैसे निकालने के दौरान कोई व्यक्ति आपको देख रहा है तो उसका तत्काल पासवर्ड चेंज कर दें
बैंक से संबंधित किसी भी व्यक्ति को जानकारी न दें
बैंक से बता कर कोई व्यक्ति आपको कॉल करता है उसे भी पासवर्ड और अकाउंट नंबर नहीं बताएं
इस बारे में अगले दिन बैंक में जाकर मैनेजर से बात करें