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लोगों के अंशदान से तुलसी निकेतन में सफाई अभियान शुरू

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लोगों के अंशदान से तुलसी निकेतन में सफाई अभियान शुरू - जीडीए की लापरवाही से तंग आकर लोगों ने खुद लिया सफाई का जिम्मा - एक-एक हजार रुपये प्रति घर से किया जा रहा सफाई के लिए जमा माई सिटी रिपोर्टर साहिबाबाद। तुलसी निकेतन में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर को साफ करने के लिए अब लोगों ने ही मदद का हाथ बढ़ाया है। रविवार को प्रति घर से एक-एक हजार रुपये इकट्ठा कर सफाई अभियान शुरू किया गया। सुबह करीब नौ बजे प्राइवेट सफाई-कर्मियों ने सफाई का काम शुरू किया। वहीं, लोगों ने जीडीए की लापरवाही को लेकर गुस्सा जाहिर किया । लोगों ने अब मामले में अधिकारियों से शिकायत न करने का फैसला भी किया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि तुलसी निकेतन में पांच हजार से अधिक परिवार रहते हैं। जिनकी जिंदगी जर्जर फ्लैटों में निर्भर है। बारिश के मौसम में हर बार इलाके का सबसे ज्यादा बुरा हाल हो जाता है। कई बार तो जर्जर फ्लैटों के लिंटर और छज्जे तक गिर जाते हैं। लोगों के आरोपों की मानें तो बीते हफ्तों से पूरे इलाके में साफ-सफाई नहीं हुई है। कालोनी के नालों में सिल्ट जमा है, जगह-जगह मच्छर पनपे लगे थे। वहीं, सड़कों के किनारे तो कूड़े का ढेर लगने से बदबू व गंदगी फैल रही थी। लोगों ने जीडीए अधिकारियों से सफाई कराने की मांग की। लोगों ने दिल्ली-वजीराबाद रोड पर कूड़ा डालकर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी थी। मगर अधिकारियों का हीलाहवाली के बाद लोगों ने खुद ही एक-एक हजार रुपये इकट्ठा कर सफाई कराने का जिम्मा लिया। प्राइवेट कर्मचारियों से गलियों की सफाई कराई गई। ------------------------- परिचर्चा ः घरों के सामने ही कूड़े का ढेर लगने के बाद दिनभर बदबू आती है। इसके बाद तो खाना-खाने के दौरान भी सांस लेने पर बदबू आने लगी। तुलसी निकेतन को अधिकारियों ने मिनी डंपिंग ग्राउंड समझ लिया था। लेकिन लोगों ने आगे बढ़कर काम किया। पवन बब्बर ----- पीएम मोदी गंदगी भारत छोड़ो का नारा देने के बावजूद जीडीए अधिकारियों ने सफाई के लिए कदम नहीं बढ़ाए। इससे लोगों में गलत मैसेज पहुंच रहा है। सड़कों पर गहरे गड्ढे भी अब कूड़े का डंपिंंग ग्राउंड बन चुके हैं। उनमें भी नालों का पानी बहता रहता है। सिराजुद्दीन ------ गंदगी की वजह से ग्राहकों ने अब दुकान पर आना भी कम कर दिया है। बारिश के दौरान तो नाले की गंदगी सड़कों से होकर दुकान और घरों तक पहुंच जाती है। तुलसी निकेतन के जर्जर फ्लैटों के बीच लोगों को गंदगी की भी मार झेलनी पड़ रही है। दीपक --- लोगों ने अपने पास से पैसे इकट्ठा कर सफाई कराई। जबकि लॉकडाउन में काम कारोबार चल नहीं रहा। मजबूरी में लोगों को गंदगी से निजात के लिए यह करना पड़ा। मोहन सिंह ------------------------ सुमित कुमार
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