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गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट में छह फीट की दीवारों पर सुरक्षा का जिम्मा

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गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट में छह फीट की दीवारों पर सुरक्षा का जिम्मा - रात के समय में कभी भी चोर और बदमाश कूदकर आ जाते हैं सोसायटी के अंदर - आविप अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर नहीं दिया अभी तक ध्यान माई सिटी रिपोर्टर  साहिबाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट में महंगे फ्लैट खरीदने के बाद अब सोसायटी के लोगों को सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। 1292 फ्लैटों की इस सोसायटी का पूरा दारोमदार महज पांच से छह फुट ऊंची दीवारों पर टिकी है। आरोप है कि खाली मैदान के जरिए चोर और बदमाश दीवार कूदकर सोसायटी में घुस जाते हैं। अगस्त माह में ही तीन से चार फ्लैटों में चोरी हो चुकी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है। इससे लोगों में घटना होने का डर बढ़ रहा है।  यहां पर निवासी यतेंद्र नागर ने बताया कि वर्ष 2015 में तैयार हुई आवास विकास की गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। इस वजह से सोसायटी के 500 से अधिक लोगों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। इतना ही नहीं, आरोप यह है कि आविप ने पूरा का जिम्मे संभालने के लिए चारों तरफ महज पांच से छह फुट ऊंची दीवारें बनाकर खड़ी कर दी हैं। जिसके पीछे खाली मैदान से कभी भी रात के समय चोर और बदमाश दीवार कूदकर अंदर आ जाते हैं। लोगों का आरोप तो यह भी है कि अगस्त माह में ही रात के समय एक चोर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसके बाद से लोग खुद ही सतर्क हो गए। अपार्टमेंट में सुरक्षा गार्ड भी एरिये के हिसाब से बेहद कम हैं। बताया गया कि सोसायटी की बाउंड्री वॉल को कई बार आविप के अधिकारियों से ऊंचा कराने पर वार्ता भी हुई। लेकिन यह वार्तालाप का दौर अभी तक सफल नहीं हो सका।  परिचर्चा ः -हम लोगों ने महंंगे फ्लैट को खरीद लिए। लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है। सुरक्षा गार्डों की संख्या बेहद कम और दीवारें भी पांच-छह फीट की। कई बार फ्लैटों में चोरियां होने से बच गई। यह लोगों की सतर्कता का असर है। अनिल कुमार - 1292 फ्लैटों के अपार्टमेंट में अभी से अव्यवस्थाओं का अंबार नजर आ रहा हैं। जबकि हमारी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं। पुलिस भी गश्त करके वापस लौट जाती है। आविप अधिकारी तो लॉकडाउन से पहले ही यहां निरीक्षण करने आए थे। कीर्ति सिंह -हम लोग आविप अधिकारियों से सुरक्षा के मुद्दे पर मिले थे, उन्होंने आश्वासन भी दिया,लेकिन अभी तक समाधान नजर नहीं आ रहा। आवास आयुक्त ने भी एक बार यहां निरीक्षण किया था तो उन्हें समस्याएं बताई गई थीं। लेकिन सब न के बराबर काम हैं। अभिषेक सिंह ------------------------------ क्या कहते हैं आविप अधिकारी ः अपार्टमेंट की दीवारें सुरक्षा के लिहाज से ठीक हैं, लेकिन लोगों ने वर्ष 2018 से मेंटेनेंस का पैसा नहीं दिया है। इससे सुरक्षा गार्ड नहीं बढ़ा पा रहे हैं। आविप के पास लोगों का परपस फंड हैं, अगर लोग सहमति देंगे तो उस फंड से पैसा आगे काम के लिए खर्च किया जा सकता है। सुमित कुमार-आविप ---------------------
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