स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के प्रबंधक की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिला जज की अदालत ने फ्लैट के लिए बैंक लोन के फर्जीवाड़े में आरोपी शाखा प्रबंधक की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान शाखा प्रबंधक अदालत में मौजूद नहीं थे, अनुपस्थित मानते हुए अदालत ने अर्जी खारिज कर दी। लोन के मामले में फर्जीवाड़ा करने के आरोपी बिल्डर इंदुजैन की अग्रिम जमानत व विजयंत जैन की जमानत पहले ही खारिज हो चुकी है।
अधिवक्ता सुनील त्यागी ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर 5 में विजयंत जैन ने 360 मीटर के प्लाट की रजिस्ट्री पांच मई 2010 को कराई थी। इसके लिए पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस बाराखंभा नई दिल्ली से 68 लाख का लोन लिया। बाद में निर्माण कार्य के लिए 92 लाख का और लोन ले लिया। उस पर नौ फ्लैट बनाने के बाद छह फ्लैट खरीदने वालों के नाम एसबीआई पटियाला नवयुग मार्केट से 25- 25लाख रुपये का लोन कराते हुए बेच दिया। एक फ्लैट धनेश सिंघल ने जीएस-3 लिया था। रजिस्ट्री कराने के बाद पीएनबी हाउसिंग ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया, लेकिन फ्लैट मालिकों को कोई जानकारी नहीं थी। इसी दौरान पीएनबी ने डीएम के यहां अर्जी देकर सरफेसी एक्ट के तहत प्रतीकात्मक कब्जा ले लिया। बिल्डिंग की नीलामी की नोटिस निकाली,तब धनेश को मामले की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने एसबीआई पटियाला से संपर्क कर जानकारी लेनी चाही कि क्या उस प्रापर्टी पर कोई लोन है तो बैंक ने मदद करने के बजाए उत्पीड़न शुरू कर दिया। धनेश ने अदालत से गुहार लगाई कि बैंक ने फ्लैट के लिए लोन देने से पहले पूरे कागजात की जांच की, लेकिन पहले से फ्लैट पर लोन की जानकारी नहीं दी। इसके बाद अदालत के आदेश पर संबंधित बैंक प्रबंधक अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। अरविंद ने जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी डाली लेकिन सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को उपस्थित नहीं हुए।जिला जज ने अर्जी खारिज कर दी। जबकि आरोपी बिल्डर पहले से ही जेल में बंद है।
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आशुतोष यादव